पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इस पिता ने खुद की पुलिसिंग बेटे के किलर ड्राइवर को पकड़ा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(सूर्या एन्क्लेव में अपने परिवार के साथ रहते ली जेव ने बताया कि हादसे में उनकी बेटी की टांग भी टूट गई थी।)
जालंधर। 14 साल के बेटे को एक महिंंद्रा पिकअप गाड़ी कुचल गई। हादसे में बेटी भी घायल हुई। पुलिस आई और कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करके चली गई। दो दिन तक पुलिस का इंतजार किया आखिर एक पिता ने खुद ही बेटे के काितल को ढूंढने का फैसला किया। अपने सांढू को साथ लेकर निकले तो इंडस्ट्रीयल एरिया में एक मैकेिनक की दुकान पर डेंटिंग पेंटिंग के लिए आई पिकअप देखी।
गाड़ी पर खून के धब्बे थे, कमीज का टुकड़ा तक फंसा हुआ था और बंपर टूट चुका था। फोटो खींचकर उसे बेटी को दिखाया। बेटी ने भी तुरंत गाड़ी को पहचान लिया। सुबूत हाथ में थे तो सीधे पुलिस के पास पहुंचे। उम्मीद थी कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करेगी। फोटो एएसआई किरपाल सिंह को दी गई। पुलिस ने खानापूर्ति की। आरोपी को पकड़ा, थाने लाकर गंभीरता से पूछताछ करने की बजाए मिलीभगत के बाद आरोपियों को क्लिनचिट देकर भेज दिया। पिता कहता भी रहा बेटे को मारने वाला यही कातिल है और गाड़ी भी यही है।
पुलिस ने कोई बात नहीं सुनी, उसे थाने के गेड़े लगवाती रही। कहीं सुनवाई न होते देख पिता ने मायूस होने की बजाए हौसला किया और 17 दिन बाद पहुंच गए डीसीपी नवीन सिंगला के पास और सारी कहानी बताई। उन्होंने सारी कहानी सुनने के बाद तुरंत चौकी सूर्या एंकलेव के इंचार्ज सतनाम सिंह को 24 घंटे में ड्राइवर को पकड़ने के निर्देश दिए थे। उसी के चलते पुलिस ने मंगलवार को ड्राइवर पकड़ लिया।
21 नवंबर को बहन सन्नी को लेकर लौट रहे 14 साल के सुमीन सूर्या एंकलेव रोड पर मोहिंदरा पिकअप ने कुचल दिया था। सुमीन की मौत हो गई थी और सन्नी की टांगें टूट गई। ड्राइवर फरार हो गया था। लेकिन सन्नी ने ड्राइवर और गाड़ी को पहचान लिया था। इसी के आधार पर उन्होंने आरोपी को पकड़वाया।
एएसआई से सीधी बात
पहले लड़की ने पहचान नहीं की थी
रिपोर्टर : जब आपको बच्चे के परिवार ने गाड़ी पकड़ा दी थी, तब छोड़ी क्यों?
एएसआई : इंजीनियर की बेटी ने पहले गाड़ी की पहचान नहीं की थी।
रिपोर्टर : आपने उस शख्स से क्या जांच की, अब उसे क्यों पकड़ लिया?
एएसआई : शक के आधार पर उसे लाए थे। अब उनकी बेटी ने इसे पहचान लिया, जिससे उससे पकड़ा है।
रिपोर्टर : क्या पुलिस अपने स्तर पर कोई जांच नहीं करती?
एएसआई : नहीं ऐसी बात नहीं है, पुलिस ने जांच की थी।
20 साल से यहीं रह रहा है इंजीनियर

बलदेव नगर के रहने वाले ली-जेव ने बताया कि वह मूलरूप से साउथ कोरिया के शहर गिमहे के रहने वाले हैं। करीब बीस साल से जालंधर में रह रहे हैं और फोकल प्वाइंट में एक कंबल फैक्ट्री में टैक्सटाइल इंजीनियर है। उनके तीन बच्चे थे। बड़ी बेटी सन्नी (18), छोटा बेटा सुमीन (14) और उससे छोटा सुजेन। पत्नी बलविंदर कौर है।
आगे की स्लाइड में देखिए तस्वीरें...