जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बीटेक कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट अविनाश मिश्रा का
गूगल के फाउंडर लैरी पेज से बात करना किसी सरप्राइज से कम नहीं था। मुलाकात का मौका मिला गूगल की एनुअल ग्लोबल टैक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस में। सैन फ्रांसिस्को में अगस्त के आखिर में हुई काॅन्फ्रेंस के लिए अविनाश मिश्रा समेत देश से तीन स्टूडेंट्स सिलेक्ट हुए थे।
सैन फ्रांसिस्को में कॉन्फ्रेंस के दौरान अविनाश मिश्रा से गूगल के फाउंडर लैरी पेज ने पूछा, वह कहां से आए हैं। फ्यूचर प्लान क्या है? अविनाश ने बताया, वह एंड्राॅएड बैस्ट प्रोजेक्ट तैयार करेंगे और कंपनियों को बेचेंगे। दिसंबर में वह अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक कंपनी शुरू करने का प्लान भी बना रहे हैं। बैकग्राउंड और प्रोजेक्ट्स के बारे में भी पूछा।
लैरी से ऐसे बिहेव की नहीं थी उम्मीद
अविनाश मिश्रा बिहार के मुज्जफरपुर के रहने वाले हैं। एलपीयू में इंजीनियरिंग कर रहे हैं। पिता आर्मी से ऑनरेरी लेफ्टिनेंट रिटायर हैं। अभी कुछ दिन पहले सैन फ्रांसिस्को से लौटे हैं। अविनाश ने बताया,
पहला सरप्राइज : मैंने सोचा नहीं था कभी मुज्जफरपुर से सैन फ्रांसिस्को जाऊंगा। वह तो लैरी से मिलने गए थे। उन्हें नहीं पता था कि दुनिया पर राज कर रहा गूगल के फाउंडर इतने आत्मीय तरीके से उनसे बात करेंगे। शायद कोई भी नहीं सोचता।
दूसरा सरप्राइज था लैरी पेज से बात करना, हालांकि मैं ही उनके पास गया, लेकिन उनका रिस्पांस देखकर समझ में आया कि क्यों उस आदमी की कंपनी गूगल दुनिया पर राज कर रही है।
प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाना बड़ी बात: अशोक
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा, अविनाश ने अपने पेरेंट्स के साथ-साथ यूनिवर्सिटी का कद भी ऊंचा किया है। देश से चुने गए तीन स्टूडेंट्स में से वह एक थे, ऊपर से गूगल के फाउंडर लैरी पेज का उनमें और उनके प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाना भी बड़ी बात है।
(सैन फ्रांसिस्को में गूगल के फाउंडर लैरी पेज के साथ अविनाश मिश्रा (कैप पहने))