जालंधर. रेल मंत्रालय ने रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) की परीक्षा में परीक्षार्थियों की घटती संख्या के लिए कमर कस ली है। इसके तहत अब सभी भर्ती सेलों की परीक्षाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाएगा। इसको लेकर दक्षिण रेलवे ट्रायल भी कर चुका है। रेलवे भर्ती सेल की परीक्षा में आवेदन करने के बाद होने वाली परीक्षा में शामिल होने वालोंं की संख्या 17 से 35 फीसदी के बीच है। घटती संख्या को लेकर रेल मंत्रालय के अधिकारी परेशान चल रहे हैं। अभी देश भर के रेलवे भर्ती रेल की परीक्षाएं एक साथ होती है। जबकि आवेदक अलग-अलग आरआरसी में आवेदन कर देते हैं। लेकिन जब एक साथ परीक्षा होती है। तो वह एक ही जगह पर परीक्षा दे पाते हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए मंत्रालय ने देश भर के सभी 16 आरआरसी के खाली पदों में ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इससे एक आवेदक एक ही जोन से फार्म भर सकेगा। आरआरसी की वेबसाइट पर जब कोई भी अभ्यर्थी आवेदन करेगा। तो उसे जोनल रेलवे का चयन करना होगा। एक जोनल रेलवे में परीक्षा के लिए आवेदन करने के बाद अगर वह दूसरे जोनल रेलवे में आवेदन की कोशिश करेगा तो उसके विवरण फीड करते हुए सारा डाटा सामने आ जाएगा, कि वह पहले ही एक जोनल रेलवे में आवेदन कर चुका है। इसके बाद वेबसाइट दूसरे जोनल रेलवे में उसका आवेदन स्वीकार नहीं करेगी। इससे एक आवेदक एक ही जगह से आवेदन कर पाएगा।
बोर्ड तैयार, अगले साल से लागू होगा नियम
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को रेलवे बोर्ड अगले साल से लागू करने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां कर ली गई है। इसका ट्रायल भी दक्षिण रेलवे में किया जा चुका है। वहां पर इसका प्रयोग सफल हो चुका है। रेलवे बोर्ड के एडीजीपीआर अनिल सक्सेना की मानें तो ऑनलाइन आवेदन के लिए रेलवे बोर्ड पूरी तरह से तैयार है। अगले साल से इस प्रक्रिया को लागू कर दिया जाएगा। इससे आरआरसी के साथ ही साथ अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। क्योंकि अलग-अगल सेल में आवेदन करने पर उनके पैसे खर्च होते हैं लेकिन परीक्षा केवल एक ही जोन की दे पाते थे।
ऑनलाइन से डाटा स्केनिंग में होगी आसानी
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थी को पहले आरआरसी की वेबसाइट पर क्लिक करना होगा। इसके बाद सभी 14 जोनल रेलवे की लिस्ट खुल जाएगी। आवेदक जिस जोन में आवेदन करना चाहता है उसका चयन करके ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फीस भी ऑनलाइन ही जमा की जाएगी। फीस जमा करने के बाद आवेदक का पूरा विवरण फीड करना होगा। इससे आवेदकों को फार्म खरीदने व उसे डाक से भेजने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। आरआरसी को भी यह फायदा होगा कि उसे एक-एक फार्म को स्कैन कराने व उसका डेटा फीड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरआरसी को सारा विवरण ऑनलाइन ही मिल जाएगा।