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डाउनलोड करेंजालंधर. 23 साल पुराने केस में 800 रुपए की रिश्वत मांगने के आरोपी बिजली बोर्ड के रिटायर्ड एसडीओ गुरदीप सिंह भुल्लर को अदालत ने एक साल की कैद और दस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नूरमहल के गांव तलवण के जमींदार गुरदेव सिंह पुत्र बूटा सिंह ने ट्यूबवेल का कनेक्शन लेना था। गुरदेव ने विजिलेंस पुलिस में 15 मई 1991 में शिकायत की कि उसे 15 दिन हो गए हैं, लेकिन एसडीओ टेस्ट रिपोर्ट नहीं दे रहा है। वह कहता कि इसके एवज में 800 रुपए की रिश्वत देनी होगी। विजिलेंस पुलिस ने एसडीओ भुल्लर को रिश्वत लेते पकड़ लिया था।
एसडीओ भुल्लर ने जांच में कहा था कि उस के पास तो कोई रिपोर्ट आई ही नहीं और उसके खिलाफ झूठा केस बनाया गया है। एसडीओ केस से राहत पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर 1998 में केस रद्द कर दिया गया था, लेकिन सरकार मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। आरोपी पक्ष का यह भी तर्क था कि झूठा करप्शन का केस बनाया गया है और इस केस में कोई जीओ रैंक का अधिकारी नहीं है।सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल केस के ट्रायल के आदेश दिए थे। ट्रायल सेशन कोर्ट में शुरू किया गया था। भुल्लर के वकील नरिंदर सिंह का कहना है कि इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।
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