(फोटो: पत्नी पिंकी वर्मा के साथ रिचर्ड राहुल वर्मा)
जालंधर. रिचर्ड राहुल वर्मा अमेरिका में संसदीय कार्य उपमंत्री है। वे इन दिनों भारत में अमेरिकी राजदूत बनाने की घोषणा के बाद चर्चा में हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1969 को हुआ था। वे पहले भारतीय अमेरिकी हैं, जिन्हें यह पद सौंपा गया है। इस घोषणा के बाद जो कार्यक्रम चल रहा था, उसमें उनके 82 वर्षीय पिता डॉ. कमल वर्मा भी थे। घर में सबसे ज्यादा पढ़े डॉ. कमल 1963 में अमेरिका आ गए थे। परिवार पंजाब में था। रिचर्ड राहुल की मां पांच बच्चों को संभालती रहीं। कुछ साल बाद वे भी पति के पास अमेरिका आ गईं।
रिचर्ड याद करते हैं कि किस तरह से उनकी मां गिरती बर्फ में सड़क पर साड़ी पहने अपनी बस का इंतजार करती थी। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे वर्मा बताते हैं, हमारे पास पैसा था नहीं, पिता पीएचडी कर रहे थे और मां स्पेशल नीड्स स्कूल में जाती थी। परिवार पेनसिल्वेनिया में ही रहता था और फिर वहीं बस गया। इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग के बाद वे लॉ करने लगे और फिर एलएलएम किया। अमेरिकी वायुसेना में वे एयर फोर्स जज एडवोकेट रहे। इसके लिए उनको श्रेष्ठ सेवा मेडल भी मिला है। पत्नी पिंकी (मेलिनेह) ने भी अमेरिकन यूनिवर्सिटी से ही कानून की शिक्षा ग्रहण की है। बात 2009 की है, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह अमेरिका यात्रा पर थे। व्हाइट हाउस जाने वाले थे। वर्मा को भी आमंत्रित किया गया था। उनके पिता ने कहा- वे और
मनमोहन सिंह एक ही इलाके के रहने वाले हैं। जब प्रधानमंत्री से भेंट हुई, तो वे चौंक गए। उन्होंने वर्मा से पूछा आप भारतीय हैं। वर्मा का जवाब था- हां। उन्होंने पूछा कहां से? वर्मा का जवाब था- पंजाब के जालंधर से। तब प्रधानमंत्री राष्ट्रपति ओबामा से बोले- मैं और इनके पिता एक ही स्थान के रहने वाले हैं।
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