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फीस न देने पर कॉलेजों ने रोल नंबर रोके, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़

8 वर्ष पहले
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जालंधर. पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के भी कॉलेजों ने रोल नंबर रोक लिए हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि पहले फीस जमा करवाओ तब रोल नंबर मिलेगा। छात्रा अनिता, अंजलि, गीता, मोनिका व शशि बाला को इस स्कीम का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि कई बार कॉलेज प्रबंधकों को स्कीम का लाभ लेने के लिए फार्म दिया, लेकिन यह फार्म जमा नहीं किया जा रहा। अब रोल नंबर नहीं दिया जा रहा।

स्कीम का लाभ देने की मांग : ग्लोबल अवेयरनेस ट्रस्ट फॉर अवेयरनेस ऑफ राइट्स ऑफ दी पुअर ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम को लागू करने की मांग की। संस्था के पदाधिकारियों ने सहायक कमिश्नर (जनरल) डॉ. संजीव शर्मा द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा भी लिया। ट्रस्ट के प्रधान मदन सिंह ने कहा कि वह कई बार प्रशासन को स्कीम लागू न होने संबंधी मांग पत्र दे चुके हैं।

स्कीम का लाभ न देना गलत
जालंधरत्नकंज्यूमर राइट एंड पब्लिक प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन ने बुधवार को फिर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम को लागू करने की मांग की है। प्रधान तिलक राज पाल ने कहा कि स्कीम को लागू नहीं किया जा रहा। केंद्र सरकार 75 फीसदी और राज्य सरकार 25 फीसदी के अनुपात से स्कीम के तहत विद्यार्थियों को लाभ देती है। यह स्कीम 2007 से लागू है, लेकिन प्राइवेट शिक्षण संस्थान इसे लागू नहीं करते। इस अवसर पर उप प्रधान प्रवीण शर्मा, सूरज प्रकाश लाडी, महासचिव भुपिंदर कुमार, सचिव सूरज कुमार, उप प्रधान मीना कुमारी, सचिव अवतार दास, सचिव राणी शरीन, जिला प्रधान कमलजीत कौर गिल मौजूद थे।

पूरा फंड केंद्र सरकार ही जारी करे
जालंधरत्न पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के लिए 100 फीसदी फंड केंद्र सरकार ही जारी करे। मांग डॉ. अंबेडकर एजुकेशनल महासंघ ने असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) डॉ. संजीव शर्मा की कॉलेज प्रबंधकों के साथ बैठक के दौरान रखी। महासंघ के कन्वीनर देसराज काली ने कहा कि पंजाब में ढाई लाख एससी विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसका पूरा फंड केंद्र सरकार को ही देना चाहिए। क्योंकि दूसरी एससी वर्ग की स्कीमों पर 100 फीसदी फंड केंद्र सरकार ही देती है। इतना ही नहीं इसकी लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी जाए।