जालंधर. स्टेट आरटीआई कमिश्नर नरिंदर जीत सिंह ने नगर निगम के कमिश्नर एमएस छतवाल पर चार अलग-अलग मामलों में 5-5 हजार रुपए की निजी पेनल्टी के आदेश दिए हैं। छतवाल 12 नवंबर को पक्ष रखेंगे। नगर निगम में विपक्ष के नेता जगदीश राजा की आरटीआई का जवाब न देने पर तीन मामलों में पेनल्टी हुई है। चौथी याचिका आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष जैन की है। कमिश्नर पर शिकंजा साढ़े तीन करोड़ रुपए की चेंज आॅफ लैंड यूज की रकम वसूली को लेकर कसा है, जो विनय बुबलानी के समय हुई थी। मौजूदा कमिश्नर छतवाल जवाब नहीं दे सके। राजा मामला स्टेट आरटीआई कमीशन के पास ले गए थे।
राजा ने पिछले साल अवैध इमारतों से सीएलयू वसूलने के बारे जानकारी मांगी थी। वैसे तो चंडीगढ़ में फाइलें लेनी होती हैं, लेकिन लोकल अफसरों ने कैसे इन्हें रिसीव किया। जड़ में पहुंचने के लिए राजा ने आरटीआई डाली। उन्होंने शास्त्री चौक में टायर शोरूम की इमारत को लेकर सवाल खड़े हुए थे। दोनों ही मामलों में जानकारी नहीं मिली। छतवाल ने कहा उन्होंने आरटीआई कमीशन के आर्डर नहीं पढ़े हैं।
चार केस चार सवाल
1. विपक्ष के नेता जगदीश राज राजा ने बिल्डिंग्स के सीएलयू से निगम के पास साढ़े तीन करोड़ रुपए इकट्ठा हुए थे। कितने पैसे किस अफसर के आॅर्डर पर लिए हैं, इस बारे में जगदीश राज राजा ने तब के निगम कमिश्नर विनय बुबलानी से सूचना मांगी थी। उनका तबादला हो गया। पूरी जानकारी नहीं मिली। राजा अपनी आरटीआई एप्लीकेशन (डायरी नंबर 250 तारीख 11.4.13) के तहत बार-बार मांगते रहे। स्टेट इनफॉर्मेशन कमीशन में याचिका डाली।
2. राजा ने पूछा था कि िनजी टैलीकॉम कंपनी की भूमिगत तारें डालने और गड्ढे भरने को लेकर मंजूरी किस नियम के तहत दी गई है। राजा ने 28 मई 2013 (एप्लीकेशन नंबर 230) को जानकारी मांगी थी। निगम ने लिख दिया था कि हाउस की बगैर मंजूरी काम हो सकता है। जवाब को गलत बताने का मसला वह स्टेट इनफॉर्मेशन कमीशन के पास ले गए थे।
3. राजा ने शास्त्री चौक के पास चोपड़ा टायर शोरूम के बारे जानकारी मांगी। जवाब न मिलने पर वह स्टेट कमिश्नर के पास गए।
4. आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष जैन ने आदर्श नगर मार्केट को लेकर नगर निगम से जवाब मांगा था, जो निर्धारित समय पर नहीं मिला। उन्होंने हारकर स्टेट इनफॉर्मेशन में अपील की।