जालंधर. बिजनेस से संन्यास ले चुके पूर्व कैबिनेट मंत्री जैकिशन सैनी पर विपदा आई, तो 75 साल की उम्र में वह दोबारा काम पर लौट आए। बेटे की मौत के बाद तीन साल से लगातार फैक्ट्री में दस-दस घंटे काम कर रहे हैं।
राजनीति को भी अलविदा कह चुके हैं। शहर के पहले मेयर रह चुके 78 साल के सैनी न केवल अपने बल्कि फैक्ट्री से सीधे तौर पर जुड़े कर्मचारियों के तीन सौ परिवारों की जिम्मेदारी भी उठाए हुए हैं। पोते-पोतियां छोटे हैं, लेकिन उनकी बहू चितवन और बेटी शिम्मी कालड़ा बिजनेस संभालने में उनका साथ दे रही हैं।
पठानकोट रोड पर मैक्स स्विचगेयर कंपनी के मालिक जयकिशन सैनी के बेटे जीवन सैनी की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। तब वह बिजनेस छोड़ राजनीति में सक्रिय थे। लेकिन बेटे की मौत ने उनको सदमा दिया। इस उम्र में संभल पाना मुश्किल था। सैनी कहते हैं कि बेटे जीवन सैनी के तीनों बच्चे तेजन (नौंवी कक्षा), पावनी (पांचवीं कक्षा) और मही राज (पहली कक्षा) छोटे थे। रोजी-रोटी फैक्ट्री से ही मिलनी थी।
अब परिवार को पालने के लिए अकेले बहू के कंधों पर सारा बिजनेस नहीं छोड़ सकते थे। तब उन्होंने दोबारा बिजनेस की कमान संभाली। अब वह सुबह 8 बजे चले जाते हैं और शाम को पांच-साढ़े पांच तक बजे तक ऑफिस में काम करते हैं। तीन फैक्ट्रियों में से हिमाचल और संसारपुर वाली फैक्ट्रियों को हफ्ते में एक-एक दिन देते हैं।
बाकी पांच दिन पठानकोट रोड वाली मुख्य फैक्ट्री में बैठते हैं। इस तीनों फैक्ट्रियों में लगभग तीन सौ कर्मचारी काम कर रहे हैं। सैनी के इस जज्बे के लिए शहीद रमेश चंद्र की २९वीं पुण्यतिथि पर रविवार को सोढल मंदिर में उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
दो बार मंत्री रहे, अब सक्रिय राजनीति से संन्यास
53 साल के राजनीतिक करियर में 1960 में ब्लॉक प्रधान बने जयकिशन सैनी 1972 में पहली बार निगम पार्षद चुने गए थे। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और कोषाध्यक्ष के पद पर भी तैनात रहे। हरचरण सिंह बराड़ और राजिंदर कौर भट्ठल की सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री बने। मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के कार्यकाल में विधायक रहे। 1991 में जालंधर के पहले मेयर बने। अब उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया है। उनका सारा ध्यान काम पर ही है।