(बरनाला हाईवे पर भट्ठा मालिकों को अफसर काफी देर तक समझाने में लगे रहे। )
बरनाला / जालंधर। भ्रष्टाचार से तंग बरनाला, संगरूर और पटियाला जिले के भट्ठा मालिकों ने बुधवार को बरनाला-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया। भट्ठा मालिकों ने पटियाला से आरटीए ऑफिस के एडीटीओ केसरपाल सिंह पर पैसे लेकर उनकी गाड़ियां छोड़ने का आरोप लगाकर जबरदस्त हंगामा किया।
बुधवार को एडीटीओ को शहर के एक भट्ठे के सामने पैसे मांगने के आरोप में भट्ठा मालिकों ने उसे घेर लिया। और धरना लगाकर एडीटीओ पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। संगरूर से पहुंचे भट्ठा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह सेखों ने बताया कि पटियाला के आरटीए ऑफिस के एडीटीओ केसरपाल सिंह भट्ठा मालिकों से रिश्वत लेकर उन्हें परेशान कर रहा है। एडीटीओ के पास बरनाला, संगरूर और पटियाला जिला का चार्ज है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एडीटीओ रोजाना कभी बरनाला तो कभी संगरूर आकर भट्ठों के सामने अपनी गाड़ी लगा लेता है। और जैसे ही भट्ठे से ईंटों की कोई भी ट्राली या रेहडा भट्ठे से बाहर निकलता है तो वह पैसों की मांग करता है। पैसे देने पर गाड़ी बंद करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कई बार अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की डीसी से कई घंटे बैठक चली। बैठक के दौरान हाईवे से भट्ठा मालिकों ने जाम नहीं खोला। कार्रवाई के भरोसे पर ही धरना उठाया।
आरोप है कि एडीटीओ ने शंकर कुमार के भट्ठे से निकली ईंटों से भरी ट्राली को रोक लिया और पैसे देने की मांग की। गुस्साए भट्टा मालिकों ने एडीटीओ को काबू कर लिया। जबकि साथ आए लोग भाग गए। पुलिस ने आरोपी अफसर को हिरासत में ले लिया।
बाद में माफी मांगने पर छोड़ दिया। उधर, इस पूरे मामले में एडीटीओ केसरपाल िसंह ने कहा, भट्ठा मालिकों की तरफ से उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। साजिश में उन्हें फंसाया जा रहा है। कई सालों से नौकरी करने के बावजूद उन पर भ्रष्टाचार का कोई केस नहीं है। डीसी गुरलवलीन सिद्धू ने कहा, एडीटीओ पर कार्रवाई की जाएगी।