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थानेदार गए थे जांच करने , लौटे तो बन गए थे मुलजिम का ड्राइवर

8 वर्ष पहले
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जालंधर। युवाओं को वीजा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने और मोटी कमाई करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर अब इनकम टैक्स और इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दोनों विभागों की एक स्पेशल टीम ने शुक्रवार सुबह पुलिस को साथ लेकर मॉडल टाउन की माल रोड स्थित पिरामिड ई सर्विस के मालिक भवनूर सिंह बेदी के दफ्तर में जांच की। तीन घंटे तक चली जांच में टीम ने बैंक अकाउंट व अन्य खातों की जानकारी ली है।

ईडी ने पुलिस से भी जब्त दस्तावेजों की कॉपी मांगी है, ताकि जांच आगे बढ़ सके। यह पता किया जा रहा है कि विदेश के कौन-कौन से कॉलेजों में पैसे भेजे गए और किस नेटवर्क से। गैरकानूनी तरीकों की भी जांच हो रही है। पहले दिन छापेमारी के दौरान बरामद हुए बीस लाख रुपए में से सात लाख बेदी के ही दफ्तर से मिले थे। एडीसीपी स्पेशल ब्रांच दिलजिंदर सिंह ढिल्लो ने छापेमारी की पुष्टि की है।

बीएमसी चौक के साथ स्थित एक्सप्रेस स्टूडेंट एजुकेशन सर्विस के मालिक गुरिंदर सिंह भट्टी के साथी वरिंदर सिंह की तलाश में पुलिस ने मोहाली में छापा मारा। वरिंदर ने कुछ समय पहले ही मोहाली में काम शुरू किया था और अभी वह इंग्लैंड में है। अक्सर वहां आता-जाता भी रहता है। पुलिस ने वरिंदर के बारे में लुकआउट सर्कुलर जारी करवा दिया है।
गिरफ्तार किए गए एक्सप्रेस स्टूडेंट एजुकेशन सर्विस के मालिक गुरिंदर सिंह भट्टी, पिरामिड ई सर्विस के मालिक भवनूर सिंह बेदी और एमके इंटरप्राइजेज के मालिक मोहन कक्कड़ को तीन दिन का रिमांड खत्म हो जाने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।

थानेदार बन गया मुलजिम का ड्राइवर
ट्रैवल एजेंट भट्टी व कक्कड़ को पुलिस वाले अलग-अलग सरकारी गाडिय़ों में लेकर आए। लेकिन तीसरे आरोपी भवनूर सिंह बेदी को थाना छह के सब इंस्पेक्टर बीर सिंह निजी कार में लेकर आए। हालांकि बाद में बेदी को सरकारी गाड़ी मेंं ही जेल भेजा गया। लेकिन बेदी को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने की चर्चा रही। उधर, थाना छह के एसएचओ राजिंदर शर्मा ने बताया कि वह सरकारी गाड़ी ले गए थे। इसलिए आरोपी को थानेदार अपनी गाड़ी में लेकर अदालत पहुंचे थे।