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डाउनलोड करेंजालंधर. सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने कहा कि अकसर सीनियर मेडिकल अफसरों की शिकायत रहती है कि हम सिस्टम को सुधारने को किसी स्टाफ पर क्या कार्रवाई करें। जब भी कार्रवाई करते हैं तो किसी ने किसी की सिफारिश आ जाती है। तब मैंने यह फैसला लिया कि अब सीनियर मेडिकल अफसर को इतना पावरफुल कर दूंगा कि किसी की भी सिफारिश उसके सामने नहीं चलेगी। एमएमओ जिस स्टाफ को लापरवाही के लिए सजा देगा या बदलेगा, वह कर्मचारी तभी बहाल हो सकेगा, जब एसएमओ खुद चाहेगा।
ज्याणी ने कहा कि वह खुद मानते हैं कि सवा तीन साल में वह सिर्फ 40 फीसदी सिस्टम को ही सुधार सके हैं। अभी तीन महीने उन्हें और चाहिए। फिर तपाक से बोले-देखदे जाओ सिस्टम कीवें सुधरदा ए। सभी अस्पतालों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो। डॉक्टर समय पर आएं। मरीजों को दवाइयां अंदर से ही लिखें। जो दवाइयां अभी अंदर से नहीं मिल रहीं, उनकी जगह पर जैनरिक सस्ती दवाइयां लिखें। मरीज को डॉक्टर बोलें कि मरीज दवा खरीदने के बाद उन्हें दिखाकर जाए। अगर मरीज को केमिस्ट दवा महंगी देता है तो उस केमिस्ट को भी खींचे।
सरों दा साग खा के जाईं...
इंडस्ट्री मिनिस्टर मदन मोहन मित्तल कल रात से ही सर्किट हाउस में रुके थे। उसी दौरान करीब 12 बजे हेल्थ मिनिस्टर सुरजीत कुमार ज्याणी भी पहुंच गए। सर्किट हाउस के अंदर सीढिय़ों के पास मित्तल और ज्याणी आमने-सामने आ गए। दोनों एक दूसरे का हाल पूछा। नाश्ता करने की भी बात हुई। तभी मित्तल ने ज्याणी से कहा-मक्की दी रोटी और सरों दा साग बनाया है। खा के जाईं। इत्थे दा मक्खन वी बड़ा स्वाद है। सिविस सर्जन साब इनां नूं साग ते मक्खन खवा के भेजीओ। तभी मित्तल के पैर छूते ज्याणी बोले...सब तुहाडा ई है मित्तल साब। जरूर खा लांगे।
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