• Hindi News
  • So I Told My Brother in law Had Considered Young In Investigation

इन्वेस्टिगेशन में तरुण बोला मेरी भाभी तो मुझे भाई समझती थी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जालंधर. न्यू जवाहर नगर के स्वाति दहेज हत्याकांड में फरार देवर तरुण अग्रवाल को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। उसकी गिरफ्तारी पर 7 फरवरी तक रोक लगाई गई थी। शाम को तरुण अदालत के आदेश लेकर थाना डिवीजन नंबर छह पहुंचा। यहां पर एएसआई कमलजीत सिंह ने तरुण को इन्वेस्टिगेशन ज्वांइन करवाई। तरुण करीब पौने घंटे तक थाने में रहा।

तरुण ने पुलिस को कहा कि उसकी भाभी स्वाति तो उसे भाई मानती थी। भाभी को कभी किसी ने भी दहेज के लिए तंग नहीं किया। 28 नवंबर को भाई व भाभी की मेरिज एनिवर्सरी थी। वह सब को हंसता खेलता छोड़ कर 12 बजे चला गया था। रात को फोन पर भाभी की मौत की खबर मिली। वह घर पहुंचा तो पता चला कि पुलिस मम्मी पापा और भाई को पकड़ कर ले गई है। तरुण ने यह दावा किया कि केस में न ही उसका कोई कसूर है और न ही उसके परिवार का।

गौर हो कि लुधियाना के ग्रीन पार्क के रहने वाले न्यू कोलकाता इंडस्ट्री के मालिक सुमन कुमार गुप्ता की बेटी स्वाति की शादी 28 नवंबर 2010 को न्यू जवाहर नगर के कुनाल अग्रवाल से हुई थी। पिता का आरोप था कि उसकी बेटी को ससुराल वाले अक्सर दहेज के लिए तंग करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी। थाना छह की पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर पति, सास और ससुर को पकड़ कर जेल भेज दिया था, लेकिन तरुण फरार चला आ रहा था।