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स्पोर्ट्स फंड में घोटाला,16 डीईओ समेत 17 नामजद

6 वर्ष पहले
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जालंधर। जिला शिक्षा अफसरों पर करोड़ों रुपए के स्पोर्ट्स फंडों का दुरुपयोग करने के मामले राज्य भर में दर्ज किए गए हैं। इनमें जालंधर जिले के ही 16 जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक शिक्षा अधिकारी (स्पोर्ट्स) के नाम सामने आए हैं। ये सभी जिला शिक्षा अधिकारी 1994 से 2009 के होने की वजह से सारा फ्रॉड भी उन्हीं के समय से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। मौजूदा समय में सभी रिटायर्ड हैं।

शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी ने विजिलेंस के डायरेक्टर की रिपोर्ट एफसी नंबर 58-07 के बाद ही यह मामले दर्ज किए गए हैं। मामला राज्य भर से जुड़ा होने की वजह से डायरेक्टर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के पुलिस मुख्यालयों में संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों पर मामले दर्ज करने के लिए शिकायत भेजी गई थी। थाना-2 में सभी के खिलाफ पांच फरवरी को 420, 465, 467, 468, 471, 120बी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। एसीपी सेंट्रल देवदत्त शर्मा अब इस सारे मामले की जांच कर रहे हैं।

अब फंसेंगे एईओ और डीलिंग हैंड
जिला शिक्षा अधिकारियों के नाम आने के बाद अब अगली कार्रवाई में सहायक शिक्षा अफसर स्पोर्ट्स और डीलिंग हैंड के खिलाफ भी कार्रवाई होकर उनके नाम सामने आएंगे। एसीपी सेंट्रल फिलहाल सभी रिटायर्ड जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच के लिए तलब करने की प्लानिंग कर रहे हैं। उनके बयानों के साथ ही उन सभी एईओ व डीलिंग हैंड को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जो उनकी डयूटी टाइम व कार्यकाल में सेवा में थे।
डीईओ के नाम
जगजीत सिंह, ऊषा खड़ोत्रा, एलआर लाखा, बलवंत सिंह, हरि सिंह, संतोख सिंह, गुरमुख सिंह, हरजीत कौर गिल, अवतार सिंह, आरएल बद्दल, हरिंदरपाल सिंह साहनी, बलवीर सिंह सैनी, जोगिंदर दास, महिंदर कुमार, अमृत सिंह, सुरिंदरजीत सिंह और सहायक स्पोटर्स अफसर समसार सिंह पर मामले दर्ज किए गए हैं।

क्या है स्पोर्ट्स फंड घोटाला
शिक्षा विभाग की तरफ से स्पोर्ट्स फंड किसी प्रकार के कंपीटिशन व चैंपियनशिप के आने पर खिलाड़ियों के आने-जाने, रहने व रिफ्रेशमेंट के रूप में जारी किया जाता है। विजिलेंस जांच में पाया गया था कि उक्त अधिकारियों ने स्पोर्ट्स फंड कैश बुक मेंटेन नहीं की और फंड को कम या ज्यादा बता गड़बड़ी की है।