(राजीव ढींगरा बीजेपी)
जालंधर । वार्ड नंबर 49 के उप-चुनाव में विकास ही अहम मुद्दा है। ग्रोवर के निधन के बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी कमलेश ग्रोवर और भाजपा ने भाजयुमो के जिला प्रधान राजीव ढींगरा को मैदान में उतारा है। 11 फरवरी नामांकन की आखरी तारीख है। जब से नगर निगम बना भाजपा के उम्मीदवार बदल-बदलकर श्रवण ग्रोवर का सामना करते रहे और हारते रहे।
कमलेश ग्रोवर के साथ लोगों की हमदर्दी है, वहीं भाजपा के युवा नेता ढींगरा पार्टी छवि भुनाने का प्रयास करेंगे। दोनों विकास को ही अहम मुद्दा मान रहे हैं। कमलेश ग्रोवर का कहना है कि वार्ड में कुछ जगह सड़कों का काम बाकी है। वह पेंडिंग काम पहल के आधार पर करवाएंगी। राजीव ढींगरा का कहना है कि सड़कें टूटी हैं, पानी गंदा आ रहा, स्ट्रीट लाइटों व सीवरेज की समस्या है। वह सारे विकास कार्य करवाएंगे।
वण ग्रोवर के निधन के बाद वार्ड में विकास की गति में कमी आई है, जो कमलेश के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है। ढींगरा की परेशानियां भी कम नहीं हैं। चूंकि टिकट के लिए ढींगरा के अलावा 8 और नेताओं ने आवेदन किया था, जिनमें पूर्व पार्षद कमल शर्मा, मुकेश दत्ता, प्रदीप खुल्लर, दविंदर भारद्वाज, अजीत भारद्वाज, भगत मनोहर लाल, दीपक जोड़ा और राजू मदान शामिल है। मंत्री भगत चूनी लाल ने ढींगरा को पार्टी से सीट दिलवाई। लोगों के साथ-साथ ढींगरा को अपनों को भी साथ लेकर चलना होगा।
टर्निंग प्वाइंट
नए पार्षद का भाग्य तय करने में भगत और बराड़ बिरादरी अहम रोल अदा करेगी। संत नगर की आधा दर्जन से ज्यादा गलियों में दोनों बिरादरियों से करीब चार हजार लोग रहते हैं। इनके समर्थन से ही दिवंगत पार्षद श्रवण ग्रोवर शुरू से ही यहां से जीतते आए हैं। वार्ड में एक हजार के करीब महाशा बिरादरी, 700 के करीब भगवान वाल्मीकि समुदाय और 200 के करीब मुस्लिम समाज की वोट भी है।