(फोटो: एयरटेल के मालिक सुनील भारती मित्तल)
जालंधर. पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने एयरटेल के सीईओ सुनील भारती मित्तल को डाक्टरेट की मानद डिग्री दी है। मित्तल ने यूनिवर्सिटी की 12वीं कन्वोकेशन में स्टूडेंट्स के साथ अपनी सफलता के कुछ पहलू सांझा किए।
टेक्नोलॉजी से जुड़ने, नई खोज और अपने आइडिया को आगे बढ़ाने की सीख दी। साथ ही कहा है कि भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसके लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पीएम
नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया कैंपेन अहम कदम है।
डिग्री करके जो युवा यूनिवर्सिटी से निकलेंगे, उनके लिए तरक्की की अपार संभावनाएं हैं। अपने आइडिया लाएं। नई खोज करें। आइडिया को आगे बढ़ाएं। आपके पास टेक्नोलॉजी की सपोर्ट है। बैंक आपको पैसा देने के लिए तैयार हैं। अपना रोजगार शुरू करने के लिए इससे अच्छा दौर कभी नहीं था...। देश में रेलवे, सड़क-पुल और बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसमें रोजगार की बहुत संभावनाएं हैं...। इसके अलावा पीएम मोदी का डिजिटल इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी दूर करेगा क्योंकि योजनाओं का आधार डिजिटलाइजेशन ही है।
मैंने 20 हजार रुपए में साइकिल पार्ट्स की फैक्ट्री शुरू की
सुनील भारती मित्तल बोले - मैंने साल 1976 में पढ़ाई पूरी की। मेरी दिलचस्पी हमेशा टेक्नोलॉजी में थी। मैंने 20 हजार रुपए की छोटी-सी रकम से साइकिल पार्ट्स बनाने की फैक्ट्री लगाई। मैं हीरो के ब्रिजमोहन मुंजाल जी को साइकिल पार्ट्स सप्लाई करता था। फिर मैंने हौजरी का कारोबार शुरू किया, क्योंकि आसपास कारखाने ही ऐसे थे। इसके बाद मैंने लुधियाना के ही गांव कौलहमड़ा में देश की पहली टेलीफोन सेट बनाने वाली फैक्ट्री लगाई। नाम था बीटेल।
ये देश का सबसे मजबूत ब्रांड बना। सरकार ने लाइसेंस दिए तो हमने 1995 में एयरटेल के नाम के नाम कंपनी शुरू की। आज हमें फख्र है कि एयरटेल विश्व की टॉप 25 कंपनियों में शामिल हैं। मैं युवाओं से कहता हूं कि टेक्नोलॉजी से जुड़ें। इसे आगे बढ़ाएं। इसका इस्तेमाल करें। फोब्स की सूची में मित्तल भारत के 10 सबसे रईस लोगों में शुमार है। लिस्ट में मित्तल 10वें नंबर पर है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें, मित्तल ने खुद को बताया मिट्टी पुत्र...