जालंधर. एडिड कॉलेजों के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ने मिलकर ज्वाइंट कोआर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले 15 और 19 दिसंबर का पेपर का बायकॉट करने का फैसला किया है। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी और पंजाबी यूनिवर्सिटी द्वारा ली जा रही परीक्षाओं में पंजाब के सभी कॉलेज एकसाथ हो गए हैं। पेपर बायकॉट करने के अलावा 15 दिसंबर कोे जालंधर के सभी कॉलेजों के कर्मचारी सुबह 10.00 बजे देश भगत यादगार हॉल में इकट्ठा होंगे। बाद दोपहर 12.30 बजे प्रेस क्लब तक पंजाब सरकार के विरुद्ध मार्च निकालेंगे। सभी कर्मचारियों की हाजिरी वहीं लगाई जाएगी। मार्च में कॉलेजों के प्रिंसिपल भी शामिल होंगे। रोष स्वरूप कॉलेजों में ताले लगे रहेंगे। पंजाब के सभी कॉलेज अपने-अपने जिलों में इसी तरह से रैली निकालेंगे।
मालूम हो कि कुछ महीने पहले प्रिंसिपलों ने ग्रांट न मिलने की सूरत में कहा था कि बादल साहब हमारे कॉलेजों की चाबियां ले लें और खुद ही कॉलेज चला लें। उसके बाद ग्रांट इन एड पोस्टों के लिए ग्रांट का कुछ हिस्सा जारी हुआ लेकिन फिर से वही हालत हो गई। 18 महीने से टीचरों को सैलेरी नहीं मिल रही है।
जीएनडीयू की कमान प्रिंसीपल डॉ. शर्मा को
कमेटी में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की कमान डीएवी के प्रिंसिपल डॉ. बीबी शर्मा, एचएस वालिया, महासचिव पीसीसीटीयू डीएवी कॉलेज अमृतसर और मदन लाल खुल्लर, प्रधान पीसीएनटीइयू पंजाब और चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज जालंधर को दी गई। पंजाब यूनिवर्सिटी की कमान प्रिंसिपल डॉ. गुरदीप शर्मा, जीजीडीएसडी कॉलेज हरियाणा, कुलदीप सिंह प्रधान पीसीसीटीयू, गुरु नानक नेशनल कॉलेज दोराहा और राजीव भसीन, सीनियर उप प्रधान पीसीएनटीइयू पंजाब और चंडीगढ़ आर्य कॉलेज लुधियाना को सौंपी गई। पंजाबी यूनिवर्सिटी की कमान प्रिंसिपल डॉ. जेएस सिद्धू, माता गुजरी कॉलेज फतेहगढ़ साहिब, अवतार सिंह, खालसा कॉलेज आनंदपुर साहिब और अजय गुप्ता, सचिव पीसीएनटीइयू पंजाबी यूनिवर्सिटी विंग, एमएम मोदी कॉलेज पटियाला को दी गई।
ज्वाइंट को-आर्डिनेशन कमेटी की मांगें
- ग्रांट इन एड पोस्टों की 95 प्रतिशत ग्रांट पिछले 18 महीने की रुकी हुई है। टीचरों को सेलरी नहीं मिली। मांग है कि सेलरी के लिए ग्रांट जल्द से जल्द जारी की जाए।
- ग्रांट इन एड पोस्टें, जोकि रिटायरमेंट के बाद खाली पड़ी हैं, उन्हें भरा नहीं जा रहा। नई भर्तियों पर लगी रोक हटाई जाए।
- टीचिंग और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट, मेडिकल भत्ता बढ़ी हुई दरों के मुताबिक नोटीफिकेशन जारी करें।