(फोटो: कैंडल मार्च निकालते लोग)
कपूरथला. मोहल्ला संतपुरा कपूरथला के सुरिंदर कुमार का 10 साल का बेटा मुनीष कैंसर से पीड़ित है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि सिर्फ कीमोग्राफी के दम पर वह बचा हुआ है। अगर उसकी जिंदगी बचानी है तो लीवर ट्रांसप्लांट करना पड़ेगा। इसमें करीब 20 से 22 लाख रुपए का खर्च आएगा।
कैंसर से पीड़ित मुनीष के पिता सुरिंदर कुमार एक फैक्ट्री में छह हजार रुपए की नौकरी करते हैं। उनके लिए मुनीष का इलाज कराना मतलब किसी पहाड़ को कंधे पर उठाने से कम नहीं है। इधर, मुनीष की मदद के लिए मानव अधिकार दिवस पर ह्यूमन राईट्स प्रेस क्लब स्टूडेंट विंग ने स्थानीय शालीमार बाग से कचहरी चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च में लोगों ने मुनीष की मदद के लिए पैसे जुटाए। अपनी एक महीने की बड़ी मुहिम के तहत ह्यूमन राईट्स प्रेस क्लब की तरफ से जुटाई गई दो लाख की रकम का चेक एसएसपी धनप्रीत कौर ने मुनीष के पिता सुरिंदर कुमार को दिया है।
2012 में शुरू हुई थी परेशानी
मुनीष के पिता सुरिंदर कुमार ने बताया की पेट दर्द की शिकायत पर मुनीष को 10 जुलाई 2012 को राधा स्वामी ब्यास अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। यहां डाक्टरों ने बच्चे के पेट में रसोली बताकर ऑपरेशन किया। साथ ही एक साल तक कीमोग्राफी की। इसमें परिवार का काफी पैसा लग गया। अभी परिवार संभला भी नहीं था कि 2013 में बीमारी फिर जाग पड़ी। तभी से मुनीष का डीएमसी लुधियाना में इलाज चल रहा है।
इलाज जरूरी: धीमाऩ
जब तक कीमोग्राफी चलेगी जिंदगी बची रहेगी। बच्चे को बचाने के लिए एक लीवर ट्रांसप्लांट करें तो भी 20 लाख खर्च आएगा। - डा.अमित धीमान, कैंसर स्पेशलिस्ट
वेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल गुड़गांव में बच्चे का इलाज होगा। एसबीआई बैंक खाता नंबर 34101540155 में आप भी मदद कर सकते हैं। - सुरिंदर कुमार, पीड़ित पिता
जिंदगी बचाने को चाहिए मदद: आठ साल के कैंसर पीड़ित मुनीष की जिंदगी बचाने के लिए पिता सुरिंदर के मोबाइल-8283830087 पर संपर्क कर सकते हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखें, मदद के सड़कों पर उतरे कपूरथला के लोगों की फोटो...