जालंधर। पावरकॉम शहर में पहली बार गैस से भरा ट्रांसफार्मर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। यह फैसला कम होती जगह के कारण िलया जा रहा है। पंजाब में पहली बार जालंधर सिटी के अर्बन इस्टेट में गैस संचालित ग्रिड बनाने की योजना बनी है। वैसे 2.38 करोड़ रुपए लागत आनी थी लेकिन गैस संचालित ट्रांसफार्मर लगाने के बाद तीन करोड़ रुपए से ऊपर लागत होगी। अर्बन इस्टेट में मिडिल क्लास परिवारों में बिजली का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है।
भविष्य के लिए सांझा चूल्हा रेस्त्रां के पास छोटे से पार्क की जगह दिखी है। पावर कॉम के टेक्निकल विंग ने यहां तेल वाले ट्रांसफार्मर का डिजाइन भी तैयार किया। जालंधर सर्किल के प्रभारी गोपाल शर्मा बताते हैं कि गैस वाला ट्रांसफार्मर जगह घेरते हैं।
साधारण ट्रांसफार्मर
> कैपेसिटी 20 एमवीए।
> अंदर तांबे की क्वाइल होती है। इसे ठंडा रखने के लिए तेल डाला जाता है।
> तेल लीकेज की समस्या। ग्लोबल वार्मिंग होती है। तेल में शामिल सिक्का सेहत के लिए खतरनाक।
> इनका वजन बहुत होता है। इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में परेशानी होती है।
गैस वाले ट्रांसफार्मर
> कैपेसिटी 20 एमवीए।
> इसमें तेल की जगह सल्फर हैक्साफलोपाइड गैस उपकरणों को ठंडक देती है।
> इसे साइज देकर आर्डर पर बनवाया जा सकता है।
> सिलिकॉन मिक्स बॉडी कम वजनदार और मजबूत होती है।