पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बीओजी रद्द कराने को प्रो. दास आज फिर रखेंगे कोर्ट में पक्ष

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर। एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. एसके दास बीओजी की मीटिंग रद्द करने की याचिका पर बुधवार को एक बार फिर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। इसमें बीओजी की मीटिंग में उन्हें फोर्स लीव पर भेजे जाने वाले निर्णय को रद्द किए जाने की राहत मांगी जाएगी। इससे पहले कोर्ट ने उनकी याचिका पर कोई फैसला लेने से पहले दास को बीओजी की मीटिंग रद्द क्यों की जाए इसका कारण बताने को कहा था।
उस समय प्रो. दास कोई ठोस कारण नहीं बता पाए थे। कोर्ट ने उन्हें बुधवार तक ठोक कारण बता अपील फाइल करने को कहा था। बताते हैं कि प्रो. दास ने बुधवार की छुट्टी की सूचना ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर प्रो. एस घोष को भेजी है।
प्रो. झा की जगह एसपी सिंह बनाए गए डीन एकेडमिक
एनआईटी के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर प्रो. एस घोष ने केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एमके झा को डीन एकेडमिक के पद से हटाकर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसपी सिंह को डीन एकेडमिक का चार्ज दिया है। अभी तक प्रो. सिंह के पास डीन रिसर्च एंड कंसलटेंसी का चार्ज है। मालूम हो कि 25 वीं बीओजी की मीटिंग में एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. एसके दास को चेयरमैन को फोर्स लीव पर भेजने का निर्णय लिया गया है।
इसके बाद प्रो. दास एक महीने की छुट्टी ले ली थी। लेकिन कुछ दिन छुट्टी करने के बाद वह दोबारा आफिस पहुंचकर ज्वाइन कर लिया। इसके बाद से संस्थान का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। सोमवार को मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से लेटर जारी करके प्रो. दास ने प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए है।
प्रो. दास ने यह राहतें मांगी है

> बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मीटिंग को रद्द किया जाए
> फोर्स लीव पर भेजने के आर्डर को खत्म किया जाए
> सीनियर मोस्ट प्रोफेसर प्रो. एस घोष को आफिशिएटिंग डायरेक्टर के पद से हटाया जाए।