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ट्रैफिक अवेयरनेस पर सेमिनार: 5% स्पीड घटाने से 90% हादसे हो सकते हैं कम

6 वर्ष पहले
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जालंधर। बीडी आर्य गर्ल्स कॉलेज में सांझ केन्द्र और नासा न्यूरो सेंटर की ओर से ट्रैफिक अवेयरनेस पर सेमिनार करवाया गया। शमशेर क्रिएटिव सोसायटी की ओर से एक स्किट पेश की गई। स्किट में कलाकारों ने ट्रैफिक रूल्स न फॉलो करने के बहानों के बारे में बताया गया। बहाने होते हैं हेयरस्टाइल खराब हो जाएगा, मुझे देर हो रही थी, भूल गया और लेट हो रहा था...वगैरह-वगैरह। इस पर कलाकारों ने कहा- लेट यानी स्वर्गीय होने से अच्छा है कि आप वक्त पर न पहुंचें और लेट हो जाएं।

डॉ. नवीन चितकारा ने स्टूडेंट्स को आंकड़ों की मदद से बताया कि अगर स्पीड पांच परसेंट घटाते हैं आप दुर्घटनाओं के चांस 90 फीसदी कम हो जाएंगे। ड्राइविंग के वक्त सबसे ज्यादा फोन का इस्तेमाल 16 से 20 साल की उम्र के युवा करते हैं, इसलिए युवाओं को ज्यादा समझने के जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर साल 3300 लोग दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। अगर आप इस आंकड़े में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ट्रैफिक नियमों की पालना करें।
सांझ केन्द्र से इंस्पेक्टर परमवीर सिंह सहोता ने स्टूडेंट्स को बताया कि कैसे परिवार के किसी एक मैंबर की दुर्घटना में मौत या विकलांग होना पूरे परिवार का जीवन बर्बाद कर देता है। किसी का भी जीवन बर्बाद न हो अगर छोटे छोटे नियम जैसे कि याद से हैलमेट पहनना, गाड़ी चलाते हुए बैल्ट लगाना, फोन पर बात न करना जैसे नियम फॉलो किए जाएं। प्रिंसिपल डॉ. सरिता वर्मा ने भी स्टूडेंट्स को ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने और दूसरों को भी न तोड़ने देने के लिए प्रोत्साहित किया।
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