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ट्रैवल एजेंसी पर छापा मार किए दो गिरफ्तार, सामने आया चौंकाने वाला सच...

8 वर्ष पहले
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जालंधर. स्टडी वीजा दिलवाने के लिए ट्रैवल एजेंट सिर्फ बैंकों के फर्जी दस्तावेज ही नहीं बनाते, यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट भी छाप देते हैं। वीरवार को पुलिस ने बस स्टैंड के पास प्रेस्टिज चैंबर में चल रहे सेवन ओवरसीज में छापेमारी की। वहां से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सात जाली सर्टिफिकेट बरामद हुए। फर्म के पार्टनर सुप्रीत सिंह और उसके साथी आकाश धीर को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद छापेमारी हुई अली मोहल्ला के कालड़ा आर्ट में। यहीं से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए जाते थे। इसका मालिक मनीश कालड़ा फरार है। मनीश और सेवन ओवरसीज के मेन पार्टनर दयाल नगर के रहने वाले मनदीप सिंह उर्फ लक्की की तलाश शुरू कर दी गई है।

एसीपी मॉडल टाउन सरबजीत सिंह ने बताया कि मनदीप सारा काम देखता था। विदेश जाने के इच्छुक छात्रों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते और इसकी एवज में मोटी रकम वसूली जाती थी। वीरवार को छापे के दौरान सैदां गेट का आकाश धीर और अमृतसर की गहरी मंडी का सुप्रीत सिंह सोनू पकड़ा गया। इनसे तैयार सर्टिफिकेट के अलावा खाली सर्टिफिकेट भी मिले हैं। मनदीप के गिरफ्त में आने के बाद पूरे नेटवर्क का सही खुलासा होगा।

इन्होंने सर्टिफिकेट बनने के लिए दिए थे
सेवन ओवरसीज को कपूरथला के चरणजीत सिंह, चक्कशीलां गांव की अमनजोत कौर और मोगा के कोट ईसे खां के प्रिकिश्त शर्मा ने अपने असली सर्टिफिकेट दिए थे। एसीपी का कहना है कि सर्टिफिकेट बनाने वाले छात्र भली-भांति जानते थे कि उनके सर्टिफिकेट फर्जी तैयार होने है। जांच के बाद उन्हें भी केस में नामजद किया जाएगा।