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बेअंत सिंह हत्याकांड के गवाह को बीस साल बाद भी इनाम नहीं

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के आरोपियों को पकडऩे में पुलिस की मदद करने वाले अहम गवाह बलविंदर सिंह को करीब दो दशक बाद भी प्राइज मनी नहीं मिली है। बलविंदर ने अब इसके लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस ऋतु बाहरी ने केस पर 20 मार्च के लिए सुनवाई तय की है।

चंडीगढ़ पुलिस के साथ काम कर रहे बलविंदर सिंह और पेंटर सुरेंद्र शर्मा इस मामले में सीबीआई के अहम गवाह रहे हैं। हत्याकांड में इस्तेमाल की गई अंबेस्डर कार को इन्होंने पेंट किया था। हत्याकांड का कोई भी अहम सुराग देने वाले के लिए 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इस इनाम के लिए सुरेंद्र शर्मा की याचिका भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अब बलविंदर ने याचिका में कहा कि वह सेक्टर 7 में मेकैनिक का काम करता था। उसकी सूचना पर ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा था।

गुरमीत ने मांगी रिहाई

बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी गुरमीत सिंह ने सजा पूरी होने का हवाला देते हुए रिहाई की मांग की है। गुरमीत को बुड़ैल जेल से पैरोल पर रिहा किया गया है। याचिका में मांग की गई कि सुनवाई के विचाराधीन रहते उसके जेल में वापस सरेंडर करने पर रोक लगाई जाए। जस्टिस राजीव भल्ला व जस्टिस सुरेंद्र गुप्ता की खंडपीठ ने याचिका पर पंजाब, केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा है। गुरमीत को उम्रकैद की सजा हुई थी। याचिका में कहा गया कि वह सजा पूरी कर चुका है। ऐसे में उसकी स्थायी रिहाई की जाए।