(गाड़ी में किसी ने भी सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी।)
जालंधर. 66 फुटी रोड स्थित व्हाइट डायमंड रिजॉर्ट के दो पार्टनरों अजमेर सिंह पवार और गुरभेज सिंह की मंगलवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। वे राजस्थान में श्रीगंगानगर से रिश्तेदारों से दो पिल्ले लेकर आ रहे थे। जलालाबाद के पास उन्होंने ढाबे पर डिनर किया। आधा घंटे बाद ही फिरोजपुर से कुछ पहले गांव जीवां अराईं के पेट्रोल पंप के पास तीखे मोड़पर बोलेरो बेकाबू होकर खेत में पेड़ से जा भिड़ी। गाड़ी की छत भी उड़ गई। तीसरे पार्टनर का बेटा अमृतपाल चट्ठा गाड़ी चला रहा था। वह और मिट्ठापुर के परमजीत सिंह टीनू और शाहकोट के बलदेव रंधावा जख्मी हो गए।
गाड़ी चला रहे 21 साल के अमृतपाल ने हादसे के बारे में कुछ नहीं कहा। चर्चा थी - कहीं झपकी तो नहीं लग गई। पुलिस ने कहा, सामने जानवर आने से गाड़ी बेकाबू हुई। सीट बेल्ट किसी ने नहीं पहनी थी। मगर पार्टनर गाड़ी के बाईं ओर आगे-पीछे बैठे थे और यही हिस्सा पेड़ से टकराया। सीट बेल्ट पहनी होती तो शायद वे बच जाते। मौत हेड इंजरी से हुई। मिट्ठापुर के न्यू कलगीधर एवेन्यू के अजमेर सिंह (50) और डीसी नगर के गुरभेज सिंह (65) का बुधवार शाम मिट्ठापुर श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। उनके करीबी पूर्व कांग्रेस सांसद मोहिंदर सिंह केपी, परगट सिंह समेत शहर के कई नेताओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
बेटे के लिए श्रीगंगानगर डॉग लेने गए थे अजमेर सिंह
अजमेर सिंह के एक बेटा-बेटी है। बड़ी बेटी मनकीरत कौर ने गुरु अमरदास स्कूल से 12वीं की है। बारह साल का बेटा शरणदीप सिंह एमजीएन स्कूल में पढ़ता है। चाचा रघुबीर सिंह ने बताया कि अजमेर के श्रीगंगानगर में रिश्तेदार रहते हैं। वहां प्रॉपर्टी भी है। उनका बेटा कुछ दिनों से डॉग पालने की बात कर रहा था। मंगलवार सुबह सात बजे वह पार्टनर गुरभेज सिंह, तीसरे पार्टनर स्वर्गीय राजबीर चट्ठा के बेटे अमृतपाल, मौसेरे भाई बलदेव रंधावा और परमजीत के साथ चले गए। शाम करीब साढ़े पांच बजे वे डॉग लेकर चल पड़े। देर रात उन्हें हादसे की सूचना मिली।
सड़क से गाड़ी खेत में उतरी, एक ही पेड़ था, उसी से टकरा गई
गाड़ी 21 साल के अमृतपाल चट्ठा चला रहे थे। फाजिल्का-फिरोजपुर रोड पर गांव जीवां अराईं के पास तीखा मोड़ है। गाड़ी की रफ्तार ज्यादा थी, जिससे गाड़ी संभाली नहीं गई और सड़क से उतरकर खेतों में चली गई। उस खेत में एक ही पेड़ था और गाड़ी उसी से जा टकराई। ड्राइवर के साथ वाली सीट पर गुरभेज सिंह और उनके पीछे अजमेर सिंह बैठे थे। गाड़ी बाईं तरफ से टकराई, जिस कारण गुरभेज और अजमेर की मौके पर ही मौत हो गई। चौकी गोलुके के इंचार्ज गुरलाल सिंह का कहना है कि गाड़ी की रफ्तार तेज थी, जिसके चलते छत तक उड़ गई। अजमेर और गुरभेज की हेड इंजरी से मौत हो गई।
व्हाइट डायमंड की नींव रखने वाले तीनों दुनिया से गए
व्हाइट डायमंड 2010 में बनाया गया था। इसकी नींव अजमेर सिंह, गुरभेज सिंह और राजबीर सिंह ने रखी थी। तीनों पहले प्रापर्टी का कारोबार करते थे। एक दोस्त राजबीर सिंह चट्ठा की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। अब उनका बेटा अमृतपाल चट्ठा पार्टनर है। वही गाड़ी चला रहा था। गुरभेज सिंह की बेटी प्रभदीप कौर शादीशुदा है। बेटा हरप्रीत सिंह हनी इसी बिजनेस में है। अजमेर का बेटा 12 साल का है।
नहीं लगा रखी थी सीट बेल्ट : चौकी गोलुके के इंचार्ज गुरलाल सिंह ने कहा - गाड़ी की रफ्तार तेज थी, जिसके चलते छत तक उड़ गई। अजमेर व गुरभेज की हैड इंजरी से मौत हुई है। गाड़ी में किसी ने भी सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी।
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