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फ्रैक्चर्ड पैर के साथ 18वीं बार वर्ल्ड वेटरन चैंपियन बने करतार

7 वर्ष पहले
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जालंधर. चीमा नगर के रिटायर्ड आईपीएस करतार सिंह ने सर्बिया में हुई रेस्लिंग वेटरन वर्ल्ड चैम्पियनशिप को 18वीं बार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। टूर्नामेंट में से पहले करतार सिंह के पैर में फ्रैक्चर था।

इस वजह से उनकी प्रैक्टिस प्रभावित हो रही थी। वह केवल जिम में प्रैक्टिस कर रहे थे। कहते हैं जाने से पहले लग रहा था कि इस बार खिताब देश में नहीं आ पाएगा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। पैर में चोट की वजह से डाॅक्टर ने चलने के लिए मना कर दिया था, लेकिन वह जिम जाते थे। मैच के दौरान भी वह पैर में पट्टी बांध कर ही लड़े। उनका पहला मुकाबला लताविया के रेसलर से हुआ। दूसरा कजाकिस्तान से, तीसरा ईरान और चौथा तुर्की के खिलाड़ी बगची स्मिेत के साथ हुआ। उसे हराकर उन्होंने 18वीं वेटरन वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती।

करतार सिंह कहते हैं देश के लिए जीत हासिल करने में जितनी खुशी होती है उतनी किसी और चीज के मिलने में नहीं होती है। इसी साल वह पंजाब पुलिस के आईजी के पद से रिटायर हुए हैं। रेस्लिंग के क्षेत्र में उन्होंने बहुत सारे गोल्ड मेडल जीत हैं। अब वह नए रेसलर को तैयार करने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। रेस्लिंग फेडरेशन आफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी रह चुके हैं।

पद्मश्री और अर्जुन अवार्डी
1987 में पद्मश्री सम्मान मिला, 1982 में अर्जुन अवार्ड, 1978 में महाराजा रंजीत सिंह अवार्ड, 2002 में प्रेसीडेंट पुलिस मेडल, स्पोर्ट्स कंपनी फिला ने 2003 में फेयर प्ले अवार्ड दिया और 2010 में फिला ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।
ऐसे बने विजेता : पहला मुकाबले लताविया के रेसलर से हुआ, दूसरा कजाकिस्तान से, तीसरा ईरान और फाइनल में तुर्की के बगची स्मिेत को हराया।