पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

यूथ कांग्रेस नेता के पिता बोले- डॉक्टर ने फर्जी रिपोर्ट बनाई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर. यूथ कांग्रेसी नेता परमजीत सिंह बल और ट्रांसपोर्टर पवन खन्ना के झगड़े में शनिवार को नया मोड़ आया है। बल के पिता नरिंदर सिंह ने ट्रांसपोर्टर पवन खन्ना के भाई की मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले जौहल अस्पताल के एक डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने गलत रिपोर्ट बनाई है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर युरिंदर सिंह हेयर को लिखित शिकायत दी है। एडीसीपी सिटी वन परमजीत सिंह जांच करेंगे। जौहल अस्पताल के मालिक डॉ. बीएस जौहल ने कहा कि वह सिविल अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से जांच करवा लें। अस्पताल ने कुछ गलत नहीं किया है।

जिला प्रधान राजिंदर बेरी, पार्षद सुशील रिंकू, अनिल वशिष्ठ और संजय सहगल के साथ शिकायत देने आए बल के पिता नरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने खन्ना व उसके साथियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया तो पवन खन्ना सत्यम तो उसका भाई जौहल अस्पताल में दाखिल हो गए। दोनों के ज्यादा चोटें नहीं लगी थी। पवन खन्ना ने जौहल अस्पताल के डाक्टर से मिलीभगत करके मेडिकल रिपोर्ट बनवा ली। चोटें मामूली थी, लेकिन डॉक्टर से ग्रीवीयस रिपोर्ट बनवा ली। उनकी मांग है कि उस डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जो चोट थी, डाक्टर ने दी वही रिपोर्ट : डॉ. जौहल
डॉ. बीएस जौहल ने बताया कि उनके अस्पताल में आने वाले मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट उनके डॉक्टर एनके दुग्गल बनाते हैं। अगर दूसरे पक्ष को ये गलत लग रहा है तो वह सिविल अस्पताल से जांच करवा सकता है। अस्पताल एक मेडिकल बोर्ड बना दे। अगर गलत लगे तो इसे रद्द कर दें। रिपोर्ट में सिर्फ चोट के बारे बताया है। डॉक्टर ने कोई धारा जोड़ने के लिए ओपीनियन नहीं दिया है। अस्पताल को बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है।
ट्रांसपोर्ट नगर में बल और खन्ना में हुआ था खूनी संघर्ष
ट्रांसपोर्ट नगर में 10 सितंबर को परमजीत सिंह बल और पवन खन्ना के बीच झगड़ा हुआ था। परमजीत बल का कान कट गया था और पवन के भाई नरिंदर खन्ना के भी चोटें लगी थी। थाना आठ पुलिस ने पवन खन्ना व उसके साथियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। थाना आठ पुलिस ने पवन खन्ना के भाई के बयानों पर बल व उसके साथियों पर आईपीसी की धारा 326 और 452 के तहत क्रास केस दर्ज किया था।
मारपीट में परमजीत का कान कटा था।