समाना. साल 2000 से 2009 के बीच जिला पटियाला के 1291 लोग लापता हो गए। इनमें 947 पुरुष, 283 महिलाएं और 61 बच्चे शामिल हैं। अभी तक प्रशासन के पास सुराग नहीं है। यह खुलासा आरटीआई से हुआ है।
गुमशुदा लोगाें के परिवार वालों ने आशंका जताई कि कहीं ऐसा तो नहीं कि इसके पीछे कोई तस्करी करने वाला गिरोह हो। समाना की बात करें तो यहां के मोतिया बाजार मोहल्ले में 5 युवक कुछ-कुछ समय के अंतराल में लापता हो गए। इनमें से कुछ तो 1998 में लापता हो गए थे। गांव वड़ैचा की कहानी भी इससे अलग नहीं है। गांव के सात लोग थोड़े-थोड़े समय में लापता हो गए।
परिवारवालाें ने सुनाई आपबीती
जुलाहा मोहल्ला की सावित्री देवी ने बताया कि उसका 25 साल का बेटा सर्वजीत सिंह उर्फ सोनू पाइप फैक्टरी में सुपरवाइजर था। अगस्त 2001 के बाद से घर नहीं लौटा। उसने बताया कि उसके चार बेटे और एक बेटी है। एक बेटा पटियाला में रहता है।
जुलाहा मोहल्ला की सुरिन्दर कौर ने बताया कि उसका 21 साल का बेटा दविन्दर कुमार उर्फ फौजी कंप्यूटर कोर्स कर रहा था। मई 2002 से कोई खबर नहीं है। सुरिन्दर ने बताया कि छोटे भाई की याद में बड़े बेटे लक्की की मौत हार्ट अटैक से हो गई थी।
लोगों का फिगर तैयार कर रहे
मामला गंभीर है। लापता लोगों का फिगर तैयार कर रहे हैं कि किस कारण से उन्होंने ऐसा कदम उठाया। कुछ तो लड़कर तो कुछ मानसिक तौर पर परेशान होने के कारण चले गए। फिर भी जो कारण रहे उन पर पुलिस कारवाई कर रही है।
- अमरजीत सिंह घुम्मन, डीएसपी