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इललीगल कॉलोनियों में नक्शा पास और सीएलयू पर लगी ब्रेक

5 वर्ष पहले
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इललीगलकॉलोनियों में इंडस्ट्री, कॉमर्शियल बिल्डिंग, इंस्टीट्यूट बनाने के लिए नगर निगम की ओर से ईडीसी और अन्य चार्जेस लेकर सीएलयू और नक्शा पास करने पर ब्रेक लगा दी है। एडिशनल कमिश्नर ऋषिपाल सिंह ने इस बारे में एक ऑर्डर पास कर ऐसे केसों पर रोक लगा दी है। वहीं, इंडस्ट्रियल और अन्य कैटेगरी के पास सीएलयू केसों को भी रिजेक्ट कर दिया है। नगर निगम ने बीती 18 सितंबर काे हुई निगम सदन की मीटिंग में इललीगल कॉलोनियों में सीएलयू और नक्शा पास करने के लिए इस प्रस्ताव को पास कर सरकार को भेजा था। इसके बाद निगम ने सरकार को भेजे इस प्रस्ताव का हवाला देकर 25 से अधिक सीएलयू और नक्शे के केस पास भी कर दिए थे। अब करीब चार महीने बाद सरकार ने बीती 21 जनवरी को लुधियाना निगम के इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। निगम के पास दर्जन भर ऐसे नए सीएलयू पाइपलाइन में थे और इन पर भी आब्जेक्शन लगा इन्हें वापिस मोड़ दिया है।

आम पब्लिक की परेशानी बढ़ी

पासकिए गए सीएलयू और नक्शा केसों को रिजेक्ट करने के नगर निगम के फैसले ने आम लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। पिछले तीन महीनों में 25 से अधिक इंडस्ट्रियल सीएलयू में निगम के चारों जोन से जारी किए गए हैं। इनमें से अधिकतर केसों में बैंक लोन तक पास हो गए हैं और मौके पर बिल्डिंगों का निर्माण भी शुरू हो गया है। ऐसे में नगर निगम की आेर से रिजेक्ट के आर्डर कैसे अमल में लाए जा सकेंगे, ये सबसे बड़ा टेक्नीकल इश्यू बना हुआ है। कई बिल्डिंगों के लैंटर तक डाले जा चुके हैं।

^सरकार की ओर से भेजे गए पत्र के बाद सीएलयू केसों को रोक दिया गया है। शहर को डेवलपमेंट और पब्लिक को सहूलियत देने के लिए ही नगर निगम हाउस से ये प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा गया था। अब सरकार के अगले फैसले पर ही इन केसों का कुछ हो पाएगा। -बलकारबराड़, सीईटीपी, नगर निगम

रेगुलराइजेशन पॉलिसी भी खत्म नहींबढ़ी तारीख

पंजाबसरकार ने एक बार फिर से प्लॉट होल्डर्स और कॉलोनी प्रमोटर्स के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी निकाली थी, जो पांच फरवरी को खत्म हो गई। इस पॉलिसी में भी सरकार ने ऐसे प्लॉट में 25 फीसदी कंस्ट्रक्शन की टेढ़ी शर्त रखी थी और इसके चलते 95 फीसदी प्लॉट होल्डर्स इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएं हैं। 500 गज से अधिक बडे़ इंडस्ट्रियल प्लॉट के डीसी रेट मुताबिक लिए 116 रुपए से लेकर 312.50 रुपए प्रति गज का भुगतान करना होगा।

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