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हाईकोर्ट का आदेश, सारे बस शेल्टरों को रिमूव करे निगम

5 वर्ष पहले
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लुधियाना। ‘क्या नगर निगम अफसर सारे बस शेल्टर रिमूव नहीं कर रहे, मैंने सब रिमूव करने को कहा है, बस शेल्टर जड़ से हटाने को कहा है, शुक्रवार को हाईकोर्ट में जस्टिस राजीव भल्ला ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अगले शुक्रवार फिर इस मामले की सुनवाई होगी। इसमें लुधियाना के इश्यूज को कंप्लीटली टेकअप किया जाएगा। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद निगम अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और अफसर अब नए सिरे से योजना बनाने में जुट गए हैं।

हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद पंजाब गवर्नमेंट के ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप असीजा ने जस्टिस राजीव भल्ला को बताया कि लुधियाना का मैटर पेंडिंग पड़ा है। इस मामले को हाईकोर्ट के समक्ष रखने वाले नवदीप असीजा ने बताया कि निगम सिर्फ 5-6 बस शेल्टर रिमूव कर रहा है। इसके लिए वो अपने कंसलटेंट की रिपोर्ट के हिसाब से काम कर रहा है। इसके बाद जस्टिस भल्ला ने कहा कि निगम ने हाईकोर्ट में एफिडेविट सबमिट किया है कि वो बस शेल्टर रिमूव कर रहे हैं। मगर, नवदीप असीजा ने कहा कि वो सिर्फ कंसलटेंट की रिपोर्ट पर इललीगल बताए बस शेल्टर ही रिमूव कर रहे हैं। इस पर जस्टिस भल्ला ने कहा कि निगम को सब रिमूव करने को कहा गया है। उन्हें बेस से हटाने को कहा गया है।

हाईकोर्ट में हुई इस सुनवाई के बाद साफ हो गया है कि शहर में हर्जाने के तौर कंपनी द्वारा बनाए जा रहे बस शेल्टर पर कार्रवाई के मामले में कंसलटेंट की रिपोर्ट क्राइटेरिया नहीं है। हाईकोर्ट कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर बस शेल्टर को रिमूव करने के ऑर्डर दे रहे हैं। बता दें कि बस शेल्टरों के रोड सेफ्टी और पैसेंजर सुविधा के हिसाब से गलत होने और सिर्फ एडवरटाइजमेंट के लिए बनाने के मामले का भास्कर द्वारा खुलासा करने के बाद निगम ने डॉ. कमलजीत सोई को कंसलटेंट अप्वाइंट किया था। उन्होंने अपनी पहली रिपोर्ट सिर्फ 20 शेल्टरों की दी थी। इनमें 18 को रिमूव करने को कहा गया। हालांकि लगभग 42 बस शेल्टर विजिट करने के बाद उनकी कंप्लीट रिपोर्ट के बारे में स्थिति अभी तक क्लियर नहीं है।


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