गायत्री शक्ति पीठ में बसंत पंचमी के मौके पर नौकुंडीय महायज्ञ करवाया
बसंतपंचमी के शुभ अवसर पर शुक्रवार को हैबोवाल कलां इलाके स्थित गायत्री शक्ति पीठ के जोनल सेंटर में भव्य धार्मिक समागम कराया गया। यह कार्यक्रम बसंत पर्व, माता सरस्वती के अवतरण दिवस और गायत्री परिवार शांतिकुंज के संस्थापक गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्मदिवस को समर्पित रहा। इस अवसर पर कई प्रकार के मुफ्त प्रशिक्षण देने के लिए सेंटर का उद्घाटन भी किया गया।
इस ट्रेनिंग सेंटर में कंप्यूटर, सिलाई, संगीत, योगा के अलावा यज्ञ हवन कर्मकांड मुफ्त सिखाने का प्रबंध किया गया है। समागम के दौरान श्रद्धालुआें ने नौकुंडीय गायत्री महायज्ञ में भी हिस्सा लिया। आयोजकों ने लंगर और प्रसाद का वितरण किया गया। गायत्री परिवार के पश्चिमी जोन के प्रभारी शुकेंद्र आचार्य, स्थानीय प्रमुख राजीव शर्मा, श्री दुर्गा माता मंदिर जगराआें पुल के ट्रस्टी विरेंदर मित्तल, सुधाकर जी, विकेश जी सहित कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाआें के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रवचन के दौरान सुकेंद्र आचार्य जी ने बसंत पंचमी का महत्व समझाते हुए कहा कि यह माता सरस्वती का दिन है, जिनसे ज्ञान की उत्पत्ति हुई। इसी दिन प्रकृति में बसंत अंकुर फूटा, जिससे समस्त प्राणियों को भोजन मिलना शुरु हुआ। बसंत विहार का स्वागत पूरे उत्साह से किया जाता है। माता सरस्वती के वाहन हंस का भी अपना महत्व है। हंस प्रदूषण मुक्त होता है, वह मोती चुनकर खाता है और दूध एवं पानी को अलग करने की क्षमता भी उसी में होती है।
बसंत पंचमी पर शुक्रवार को शहर के हैबोवाल कलां इलाके स्थित गायत्री शक्ति पीठ के जोनल सेंटर में भव्य धार्मिक समागम कराया गया।