नेशनल लोक अदालत में 459 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा
लोगोंको जल्द इंसाफ दिलाने के मकसद से नेशनल लोक अदालत मिनी सेक्रेटेरिएट स्थित कोर्ट कॉम्प्लेक्स में किया गया। जिसमें कुल 1333 केस सुनवाई के लिए रखे गए थे, इनमें से 459 केसों का निपटारा दोनों पार्टियों की आपसी सहमति के से किया गया। इसके साथ ही कुल 15 करोड़ 36 लाख 44 हजार 5 रुपयों की रकम के अवाॅर्ड पास किए गए। इस नेशनल अदालत में बैंकों के पैडिंग और प्रिलिटिगेटिव केसों के निपटारे के लिए 9 लोक अदालत बैंच का गठन किया गया। इस मौके पर चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट कम सेक्रेट्री जिला कानूनी सेवाएं अथारटी राजेश भगत ने पांच लोक अदालत बैंचों का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने लॉ-स्टूडेंट्स को लोक अदालतों और उनके केसों के निपटारे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला सेशन जज करमजीत सिंह कंग ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में केसों के निपटारे कराने के लिए लोगों में उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए निपटाए केसों में लगाई कोर्ट फीस वापिस की जाती है। दोनों पार्टियों के धन और समय की बचत अलग से होती है। आपसी रजामंदी से मामले का निपटारा होने से रंजिशें भी खत्म होती हैं, जिससे समाज में जुड़ाव पैदा होता है। यहां काबिलेजिक्र है कि लोक अदालत के जरिए हुए फैसले की आगे कोई अपील तक नहीं होती है। जिससे झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। इस मौके पर जिला सेशन जज ने लोगों से अपील की कि वे अपने झगड़ों का निपटारा लोक अदालतों के जरिए कराएं।