शहर में एलईडी लाइट्स लगाने के लिए ई-स्मार्ट कंपनी आई सामने, निगम को भेजा प्रस्ताव
बीतेएक साल से शहर में एक लाख एलईडी लाइट्स लगाने के प्रोजेक्ट के लिए मुंबई की ई-स्मार्ट कंपनी ने पहल की है। निगम अफसरों से बात कर कंपनी ने दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर निगम की स्ट्रीट लाइट्स से 80 फीसदी बिजली बिल की बचत होगी। अगर एक फीसदी बचत भी कम हो तो निगम उन्हें जुर्माना लगा सकती है। कंपनी के इस दावे को देखते एलईडी प्रोजेक्ट को पूरा करने की संभावना बन गई है। 15 फरवरी के बाद कंपनी के अधिकारी और निगम अफसरों के बीच मीटिंग होगी। इसमें कंपनी को पहले डेमो के तौर पर कुछ एरिया में स्ट्रीट लगाने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद एलईडी प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। इससे निगम को हर साल लगभग 28 करोड़ रुपये की बचत होगी।
36करोड़ रुपए साल का आता है बिजली बिल: नगरनिगम की तरफ से अभी शहर 7 तरह की लाइट का यूज किया जा रहा है। इसमें आम गलियों में 40 वॉट, 70 वॉट, 150 वॉट, 250 वॉट 400 वॉट के सोडियम बल्ब का इस्तेमाल हो रहा है। जबकि पार्क के अंदर 150 वॉट हाईमास्क लाइट मेन रोड पर 250 वॉट की हाई मास्क लाइट का प्रयोग हो रहा है। इन सभी लाइट से नगर निगम 3 करोड़ रुपये प्रति महीना बिजली का बिल दे रहा है। यानी एक साल में निगम को अकेले स्ट्रीट लाइट का 36 करोड़ रुपये का बिल देना पड़ता है।
इसके अलावा स्ट्रीट लाइट को मेनटेन करने के लिए अलग से खर्चा ठेकेदार को देना पड़ता है। लेकिन एलईडी सिस्टम लागू होने से निगम का बिजली का बिल 80 प्रतिशत कम हो जाएगा। मतलब 36 करोड़ साल का बिजली बिल कम होकर 15 करोड़ रुपये तक रह जाएगा।
यहहोगी कंपनी की जिम्मेदारी
शहरमें एक लाख एलईडी लाइट लगाने वाली दस साल तक इनकी देखभाल करेगी। पहले 5 साल तक सभी स्ट्रीट लाइट की फिटिंग की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी। यही नहीं पहले तीन साल तक कंपनी सभी एलईडी लाइट की खराब होने पर रिपेयर या फिर रिपलेस्मेंट अपने से करेगी। इसमें निगम को कोई खर्चा नहीं देना होगा। किसी भी लाइट के खराब होने पर 24 घंटे में ठीक करने की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। ऐसा होने पर कंपनी पर निगम जुर्माना लगा सकता है।
इतना आएगा अंतर
अभीएलईडी
40वॉट 24 वॉट
70 वॉट 32 वॉट
150 वॉट 60 वॉट
250 वॉट 96 वॉट
400 वॉट 160 वॉट
150 हाईमास्क 72 हाईमास्क
250 हाईमास्क 120 हाईमास्क
कंट्रोल रूम से रखी जा
सकेगी नजर
एलईडीलगाने वाले कंपनी सिटी में एक कंट्रोल रूम भी बनाएगी, जोकि पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इस कंट्रोल रूम के आगे 1500 कंट्रोल प्वाइंट होंगे, जोकि जीएसएम तकनीक से लैस होंगे। निगम का कोई भी अफसर रात के समय कंट्रोल से या फिर अपने मोबाइल फोन पर यह देख सकेगा कि कौन से एरिया में स्ट्रीट लाइट चल रही है और उसमें कितनी बंद है।
^मुंबई की ई-स्मार्ट कंपनी ने पूरे शहर में एलईडी लाइट प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कहा है। कंपनी की तरफ से 80 फीसदी बिजली बिल में बचत करने का दावा किया गया है। उनके प्रस्ताव को देखते हुए 15 फरवरी के बाद कंपनी के अफसरों को लुधियाना बुलाया गया है, ताकि सभी अफसरों के साथ मीटिंग हो सके। इस मीटिंग के बाद ही एलईडी प्रोजेक्ट पर आगे काम होगा। -रजिंदरसिंह, एसई