स्कूलों में हादसों को रोकने के लिए आग बुझाओ यंत्र लगाने के दिए निर्देश
सुप्रीमकोर्ट की तरफ से किए गए आदेशों का पालन के लिए स्कूलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए चाहे जिला एजुकेशन अफसर (स) लुधियाना परमजीत कौर चाहल और निरीक्षण टीमों द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान समय-समय पर आग बुझाऊ यंत्रों की जांच की जाती है और हिदायतें दी जाती हैं कि स्कूलों में आग बुझाऊ यंत्र जरूरत के अनुसार सेंसेटिव प्वाइंट पर लगाए जाएं। स्कूलों में रेत की भरी हुई बाल्टियां रखी जाएं। ताकि जरूरत पर इनका प्रयोग किया जा सके। इन यंत्रों की समय-समय जांच करवाई जाए और इन्हें रिफिल करवाया जाए। परंतु इसके बावजूद कई स्कूल मुनियों को जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों की परवाह नहीं है। स्कूलों की तरफ से इन आदेशों की पालना करके फायर ब्रिगेड समराला की ओर से स्कूलों को नोटिस जारी करते कहा है कि समराला, दोराहा, साहनेवाल, माछीवाड़ा साहिब, के इलाकों अधीन पड़ते शैक्षिक अदारों में आग लगने की दुर्घटनाएं को रोकने के लिए आग बुझाऊ यंत्रों के उचित प्रबंध नेशनल बिल्डिंग कोड आॅफ इंडिया पार्ट-4 अनुसार नहीं किए हैं। इसी के तहत नेशनल बिल्डिंग कोड आॅफ इंडिया पार्ट 4 अनुसार आग बुझाऊ यंत्रों के उचित प्रबंध करवाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत 15 दिनों के अंदर-अंदर इनकी एनओसी लेने के लिए कहा है। वहीं डीईओ परमजीत कौर चाहल जिला शिक्षा अफसर (स) लुधियाना मैडम परमजीत कौर चाहल ने कहा कि दफ्तर की तरफ से स्कूल मुनियों को इससे संबंधित पहले ही कई याद पत्र भेजे जा चुके हैं कि आग बुझाऊ यंत्र लगाने संबंधित स्कूलों के में फायर सेफ्टी समिति भी बनाई जाए और बच्चों को आग बुझाऊ यंत्रों का प्रयोग करने बारे भी जानकारी दी जाए। संबंधित फायर ब्रिगेड दफ्तर से आग बुझाऊ प्रबंधों संबंधित ऐतराज हीनता, सर्टिफिकेट लेकर इस दफ्तर को सूचित किया जाए।