पंजाब के 60 उपवैद्य काॅलेज बंद होने की कगार पर, एसो. में सरकार के खिलाफ रोष
एसोसिएशनआफ आयुर्वेदिक फाॅर्मेसी काॅलेज पंजाब की मीटिंग प्रधान डाॅ. बृजेश कुमार बंगड़ की प्रधानगी में हुई। इसमें अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा उपवैद्य कोर्स में प्रवेश के लिए तीसरी काउंसलिंग की आज्ञा दिए जाने पर चर्चा की गई। डा. बंगड़ ने बताया कि पंजाब में उपवैद्य कोर्स की कुल 3360 सीटों में से अभी अनुमानित 1900 सीट खाली पड़ी हैं। इसका मुख्य कारण इस बार दूसरी काउंसलिंग को सेंट्रलाइज्ड तरीके से किया जाना रहा। क्योंकि, ज्यादातर बच्चे गरीब परिवारों से संपर्क रखने कारण पैसों की कमी के चलते सैंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में पहुंच नहीं सके। वर्तमान सेशन से पहले दूसरी और तीसरी काउंसलिंग कालेज स्तर पर होने कारण विद्यार्थी को कोई परेशानी नहीं होती थी। परन्तु अब लगता है कि उपवैद्य कोर्स, जोकि भारत की सबसे पुरातन आयुर्वेदिक पद्धति से जुड़ा है, उसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
उपवैद्य कोर्स के लिए हर साल तीसरी काउंसलिंग दी जाती थी। समय पर कालेजों द्वारा डिमांड किए जाने के बावजूद उन्हें काउंसलिंग की अनुमति नहीं दी गई। इससे उपवैद्य फार्मेसी कालेज बंद होने की कगार पर हैं। अनुमति लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला भी लिया गया। इस मौके पर सीनियर उप प्रधान डा. अमित प्रकाश, सहायक सचिव डाॅ. रमणीक, रहमान, कमल कुमार, पवन कुमार, नरेश कुमार भी मौजूद रहे।
एसो. आॅफ आयुर्वेदिक फाॅर्मेसी काॅलेज पंजाब की मीटिंग प्रधान डाॅ. बृजेश कुमार बंगड़ की प्रधानगी में हुई।