डीसी ने पूछा, फॉर्म फ्री क्यों नहीं किए
एेनियां लाइनां, डीसी दा वी ड्राइविंग लाइसेंस ना बणे, हेल्प डेस्क बणाओ
गवर्नमेंटके ऑर्डर के एक महीने बाद भी फॉर्म फ्री करने का मामला भास्कर द्वारा उजागर करने के बाद वीरवार को डीसी रवि भगत सुविधा सेंटर पहुंचे। उन्होंने सुविधा एडमिनिस्ट्रेटर से पूछा कि फार्म फ्री क्यों नहीं किए गए? उन्होंने फॉर्म फ्री को लेकर अब तक हुई कार्रवाई की पूरी फाइल तलब की। इसमें पूर्व एडीसी सुप्रीत गुलाटी और असिस्टेंट कमिश्नर कनु थिंद के ऑर्डर भी थे, जिनमें स्टॉक क्लियर होने तक फॉर्म बेचने और बाद में फ्री देने के लिए फॉर्म छपवाने के निर्देश दिए गए थे।
डीसी ने हैरानी जताई कि अमृतसर में फ्री हो चुके हैं, जहां से वो ट्रांसफर होकर आए हैं तो फिर लुधियाना में देरी क्यों हो रही है। खास बात यह भी रही कि फार्म फ्री करने के जो ऑर्डर एडीसी और असिस्टेंट कमिश्नर ने भेजे, उनमें सुविधा सेंटर चला रही सुखमणि सोसाइटी के चेयरमैन डिप्टी कमिश्नर के साइन ही नहीं हैं। पूर्व डीसी रजत अग्रवाल से अप्रूवल लिए बगैर ही अफसरों ने सीधे ऑर्डर सुविधा एडमिनिस्ट्रेटर को भेज दिए।
डीसी ने असिस्टेंट कमिश्नर (अंडर ट्रेनिंग) जसप्रीत सिंह और सुविधा एडमिनिस्ट्रेटर जरनैल सिंह को निर्देश दिए कि वो फॉर्म फ्री देने के लिए जल्द रिपोर्ट बनाकर देने को कहा। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार या मंगलवार से लोगों को फॉर्म फ्री मिलने शुरू हो जाएंगे।
सुविधा सेंटर में आए हुए लोगों से डीसी रवि भगत ने फीडबैक िलया।
एजेंटों के बारे में पूछा तो डीएल सेंटर ले गए अफसर
आधारकार्ड एनरोलमेंट सेंटर की चेकिंग के बाद डीसी रवि भगत ने अफसरों से पूछा कि यहां एजेंट कहां ज्यादा हैं तो वो उन्हें डीटीओ के ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर ले गए। जिसके बाद उन्होंने वहां काम कर रहे मुलाजिमों को ताकीद की कि वो एजेंटों का काम करें बल्कि सीधे पब्लिक को सेवा दें।
बुजुर्गसे बोले, मैं डीसी तुहाडे लई ही हां
सुविधासेंटर की चैकिंग के बाद डीसी जाने के लिए कार में बैठे तो एक बुजुर्ग महिला ने आवाज लगाई “डीसी साब, मेरा कुझ नईं हो रेहा ऐत्थे, मैं जनम सर्टिफिकेट बणाउणा है पर कोई गल ही नीं सुणदा मेरी’। डीसी ने कहा कि “मैं डीसी तुहाडे लई ही हां’ और सुविधा एडमिनिस्ट्रेटर जरनैल सिंह को कहा कि वो इनकी हेल्प करे।