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व्हीकल्स पर एड लगाकर हर महीने नौ हजार कमाने का ऑफर दे शहर के 700 लोगों से ठगे 2.80 करोड़

4 वर्ष पहले
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मास्टरमाइंड दंपति ऐसे चला रहा था नेटवर्क

लुधियाना में फ्रेंचाइजी बनाने का दिया था झांसा

ठगी

चार कारोबारी दोस्तों ने अप्रैल में सीपी ऑफिस में दी थी शिकायत, पीड़ितों को छह महीने घुमाती रही पुलिस, अब जाकर हुआ पर्चा दर्ज

एक महिला और दो साथियों के साथ मिल शातिर दंपति चला रहा था फर्जी एड कंपनी, जीरकपुर स्थित दफ्तर में ताला लगाकर सभी फरार

राजदीप सिंह सैनी | लुधियाना

व्हीकल्सपर एड लगा हर महीने नौ हजार कमाने का ऑफर दे शातिर दंपति ने महिला और दो साथियों के साथ मिलकर शहर के 700 लोगों से करीब 2.80 करोड़ ठग लिए। आरोपी पहले सिक्योरिटी के नाम पर लोगों से 51 हजार जमा कराते थे। फिर दो-तीन महीने पेमेंट देने के बाद टाल-मटोल करते थे। ये आरोपी जीरकपुर स्थित दफ्तर से पूरा नेटवर्क चला रहे थे। अब उस दफ्तर में ताला लटका है। सभी आरोपी फरार हैं। वहीं, ठगी का शिकार बने चार दोस्तों ने पांच अप्रैल को पुलिस कमिश्नर दफ्तर में इस मामले में शिकायत दी थी। छह महीने तक पुलिस अफसर जांच के नाम पर पीड़ितों के चक्कर कटवाते रहे। अब जाकर पुलिस ने गिल रोड के रहने वाले मुनीष कुमार, रवि सोनी, राजेश गुलाटी और धरमिंदर पाहवा की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान जीरकपुर के प्रजानल बतरा, उसकी प|ी पूनम बतरा, मैनेजर मंजू, साथी विजय कुमार और शिवम रघुवंशी है। पीड़ित रवि सोनी ने बताया कि दूसरे शहरों के पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ शिकायतें तो दीं, मगर कोई भी पेश नहीं हुआ। लेकिन लुधियाना में प्रजानल ने पेश हो बयान दिए थे। इस कारण पर्चा दर्ज हो पाया।

पीड़ित सुमित कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने दो फैक्ट्री वर्करों को किश्तों पर नई मोटरसाइकिलें लेकर दे दीं। उसने वर्करों की सुविधा के लिए उनकी मोटरसाइकिलों पर एड भी लगवा दीं। पहले तीन महीने तो किश्तें आती रहीं, लेकिन अब ठगी होने पर वर्करों को मोटरसाइकिल की किश्त देनी मुश्किल हो गईं। अब वे खुद किश्तों का भुगतान कर रहे हैं।

जांच में पता चला कि आरोपी जिन कंपनियों की एड लगवाते थे, वह भी फर्जी निकलीं। आरोपियों ने एक प्रसिद्ध मशहूर कंपनी की एड भी लगवाई थी। मगर बाद में पता चला कि कंपनी के साथ कोई करार ही नहीं है। चारों शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनकी बातों में आकर उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इसी काम में जोड़ लिया था।

^जांच के बाद ही पर्चा दर्ज किया गया है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उनकी तलाश की जा रही है। उन्हें ट्रेस कर जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। -अमरीकसिंह, जांच अफसर।

सूबे के दूसरे शहरों के लोग भी बनाए शिकार

पीड़ितमुनीश कुमार ने बताया कि आरोपियों ने अमृतसर, जीरकपुर, चंडीगढ़, दसूहा और जालंधर में भी लोगों से करोड़ों ठगे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रजानल ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी भी दी। ठगी का शिकार बने कई और लोग भी सामने आए हैं। उन्होंने अपने शहरों में संबंधित थानों में आरोपियों के खिलाफ शिकायतें दी हैं।

आरोपी व्हीकल की कीमत के हिसाब से सिक्योरिटी लेते थे। अगर व्हीकल की कीमत पांच लाख हो तो 31 हजार, आठ लाख तक 41 हजार और इससे ऊपर हो तो 51 हजार लेते थे। इसके अलावा आरोपी टू-व्हीलर्स पर भी एड लगाते थे। इसके लिए 13 हजार फीस रखी थी। 60 महीने का एग्रीमेंट भी साइन करवाया जाता था। एग्रीमेंट पूरे होने के बाद या एक महीने की किश्त टूटने पर फीस वापस करने की बात लिखते थे। इसी कारण लोग समझते थे िक शायद कंपनी असली है। नया व्यक्ति पहले अपने व्हीकल पर एड लगवाएगा और दूसरे लोगों को भी जॉइन कराएगा। इसके बाद वह अगरबत्ती और घरेलू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों के एड वाहनों पर लगाते थे। आरोपी तीन-चार महीने नौ हजार रुपए अकाउंट में भेजते, फिर टाल-मटोल करते थे। इसके बाद व्यक्ति से लिंक खत्म कर लेते थे। इसके अलावा आरोपियों ने कई कार कंपनियों के मुलाजिमों से टाईअप किया था। कंपनी के मुलाजिम कार खरीदने वाले लोगों को एड के जरिए पैसे कमाने के बारे में बताकर आरोपियों से संपर्क करवाते। इसके अलावा अखबारों और सोशल साइट्स पर विज्ञापन भी देते। इसके अलावा शहरों या गांवों में बड़ी मात्रा में पंफलेट भी बांटते।

जानकारी के अनुसार प्रजानल बतरा ने एमएस मोटर एड सॉल्यूशन के नाम से कंपनी बनाई थी। इसका हेड ऑफिस जीरकपुर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर गोल्डन स्कवेयर बिल्डिंग में बनाया। चारों शिकायतकर्ता पुराने दोस्त हैं। जुलाई 2015 में उन्होंने प्रजानल से संपर्क किया। आरोपियों ने उन्हें लुधियाना में कंपनी की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर पांच लाख सिक्योरिटी जमा करवा ली। आरोपियों ने उनकी कारों पर अगरबत्ती की एड लगा दी। आरोपियों ने उनके खाते में तीन-चार महीने पेमेंट जमा कराई। चारों ने मिलकर कंपनी से 700 लोग भी जोड़े।

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