निगम कमिश्नर से नहीं मिला इंसाफ तो जाऊंगा हाईकोर्ट : पवित्र सिंह
बीतेहफ्ते नगर निगम कमिश्नर जीके सिंह की ओर से सस्पेंड किए जोन सी के हेड ड्राफ्टमैन पवित्र सिंह का मुद्दा गर्माता दिख रहा है। पवित्र सिंह ने कहा कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, तो वे इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बीते दिनों पवित्र सिंह को कौंसलर और एफएंडसीसी मेंबर जगबीर सिंह सोखी और एसीटीपी बलकार सिंह बराड़ के साथ दुर्व्यवहार करने को लेकर सस्पेंड कर दिया गया था। पवित्र सिंह ने बताया कि उन पर जनता नगर स्कीम को रिमॉडयूल करने को लेकर एक रिपोर्ट करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इंकार करने पर उसे जगबीर सिंह सोखी ने अपने आफिस से बाहर निकाल दिया। इसके बाद सोखी ने ये पूरा मामला मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया को बताया था। इसके बाद 3 फरवरी को पवित्र सिंह सस्पेंड कर दिए गए थे।
जनता नगर स्कीम रिमॉडयूल को लेकर कौंसलर जगबीर सिंह सोखी ने अपने ऑफिस में एक मीटिंग रखी थी। इसमें एसीटीपी बलकार सिंह बराड़ और एटीपी जोन सी अंकित मिड्ढा के अलावा हेड ड्राफ्टमैन पवित्र सिंह शामिल हुए थे। पवित्र सिंह के मुताबिक, इस मीटिंग में उनसे एक ऐसी रिपोर्ट करने के लिए कहा जा रहा था, जो पावरकॉम की ओर से भेजी रिपोर्ट से उल्ट थी। जिस पर मैंने इंकार कर दिया। जिसे लेकर उनकी मौके पर बहस भी हुई। सही का साथ देने पर उन्हें आफिस से बाहर निकाल दिया गया और इस दौरान एसीटीपी बलकार बराड़ ने भी उनकी कोई पैरवी नहीं की।
^मुझे पवित्र सिंह की सस्पेंशन की जांच को अर्जी दी थी और इसकी इंक्वायरी लगा दी गई है। इस मामले में एडिशनल कमिश्नर अमृत कौर गिल को जांच कर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। -जीकेसिंह, कमिश्नर, नगर निगम
निगम ने हाईकोर्ट में देनी है रिपोर्ट
जनतानगर स्कीम को रि-मॉड्यूल को लेकर नगर निगम की ओर से अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में देनी है। हाईकोर्ट के आदेशों पर ही नगर निगम ने उक्त एरिया को लैंड आफ यूज चेंज करने के लिए पब्लिक से एतराज मांगे थे। जिसमें 6800 लोगों ने यहां से इंडस्ट्री बाहर करने को एतराज दिए थे और 1400 के करीब लोगों ने इंडस्ट्री के हक में हामी भरी थी।