लुधियाना। सेंट्रल जेल में बंद हवालातियों और कैदियों को उनके परिजन कैंटीन से सीलबंद सामान खरीद कर ही अंदर पहुंचा सकेंगे। जेल में सप्लाई होने वाले आपत्तिजनक सामान की सप्लाई बंद करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कोई भी व्यक्ति जेल में अपने रिश्तेदार को बाजार से खरीदा गया सामान सप्लाई नहीं कर सकेगा। यह जानकारी एडीजीपी जेल राजपाल मीणा ने दी। वे जेल परिसर में स्टाफ और पब्लिक वेल्फेयर एसोसिएशन की तरफ से खोली गई कैंटीन का उद्घाटन करने आए थे। उनके साथ जेल सुपरिंटेंडेंट एसपी खन्ना, डीएसपी राजीव कुमार, निरपिंदर सिंह, भलाई अफसर रविंदर कुमार कटोच और अन्य मौजूद थे।
एडीजीपी ने बताया कि कैंटीन पर तैनात सुरक्षा मलुाजिम सामान को विशेष रंगदार लिफाफे में पैक कर सील लगा देंगे। कैंटीन से होने वाले मुनाफे को कैदियों के भलाई पर खर्च किया जाएगा। प्रिजन कॉल सिस्टम के तहत ही कैदियों और हवालातियों को कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं, ताकि उनका पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके। कैदियों की बीमारियों को देखते हुए उन्हें 24 घंटे डॉक्टरी सुविधा प्रदान की जा रही है। जेलों में डेंटल चेयर उपलब्ध करवाने के साथ डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगाई गई है और जेलों से सिविल अस्पताल जाने वाले कैदियों के लिए एंबुलेंसों का प्रबंध किया गया है।
कैंटीनों से आने वाले प्रॉफिट को कैदियों की भलाई के लिए खर्च किया जा रहा है। पहले इन कैंटीनों पर होने वाली बिक्री 30 लाख से बढ़कर ढाई करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। जिन कैदियों के बच्चे स्कूलों या कॉलेज में मैरिट लिस्ट में आते हैं, उन्हें जेल प्रशासन की तरफ से 1 हजार रुपए स्कॉलरशिप देने की स्कीम चलाई गई है। महिला जेल में बंद बच्चों की शिक्षा के साथ उनके जन्म दिन पर प्रशासन की तरफ से 1500 रुपए का गिफ्ट दिया जाएगा।
मीणा ने दावा किया कि जेल प्रशासन के कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते जेलों में अब नशा सप्लाई में कमी आई है। आने वाले समय में सुरक्षा प्रबंध कड़े किए जा रहे हैं, ताकि इसे पूरी तरह से रोका जा सके। जेलों में प्रिजन कॉल सिस्टम चलाया गया है और जेलों में ह्यूमन इंटरफेरेंस बंद करने के लिए पूरे सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड किया गया है। इससे सभी जेलों की हर रोज की रिपोर्ट हेडक्वार्टर में बैठे अफसर चेक कर सकेंगे।
लुधियाना में बिस्कुट फैक्ट्री के बाद पटियाला जेल में पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की मदद से पेपर मिल लगाई जा रही है। इससे कैदियों के लिए रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। महिला जेलों में महिला कैदियों को भी व्यवसायिक काम सीखा जा रहा है, ताकि वह भी अपने परिवार की मदद कर सकें।
जेलों में जल्द लगाए जाएंगे जैमर
जेल में मोबाइल और नशा मिलने की बात को लेकर एडीजीपी ने कहा कि जो कैदी या हवालाती बॉडी कैबटीज ढंग से जेलों में नशा या मोबाइल लेकर जा रहे है, उसके लिए भी स्कैनिंग सिस्टम लगाया जाएगा। हालांकि अभी शक्की लोगों की पूरी जांच की जाती है। पकड़े गए मोबाइलों से उनकी डिटेल निकाल कर भी जांच करवाई जा रही है। जेल मे केक मोबाइल मामलों को लेकर उन्होंने बताया कि कुछ अफसरों को सस्पैंड किया जा चुका है। लापरवाही दिखाने वाले मुलाजिमों के खिलाफ भी डिपार्टमैंट इंक्वायरी चल रही है। गार्द को निर्देश भी दिए गए है कि अगर किसी की डयूटी के दौरान मोबाइल या नशा पकड़ा जाता है तो हैड वार्डन उसकी टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नाभा, संगरूर गुरदासपुर जेलों में जैमर लगा दिए गए है और लुधियाना में भी जल्द जैमर लगा दिया जाएगा। जेलों में चैकिंग के लिए भी विशेष टीमें गठित की गई है जो जेलों में क्रास चेकिंग कर उन्हें रिपोर्ट भेजेगी।
बुधवार को एडीजीपी जेल राजपाल मीणा लुधियाना सेंट्रल जेल में नई कैंटीन का उद्घाटन करने पहुंचे तो जेल सुपरिंटेंडेंट एसपी खन्ना ने उनको कुछ इस अंदाज में सैल्यूट किया। फोटो:विजय चायल
{एडीजीपी जेल राजपाल मीणा ने स्टाफ और पब्लिक वेल्फेयर एसोसिएशन की तरफ से खोली कैंटीन का किया उद् घाटन
{कैंटीन से होने वाली कमाई कैदियों की भलाई पर की जाएगी खर्च, कैदियों के बच्चों को मिलेगी एक हजार रुपए महीना स्कॉलरशिप