फेसबुक पर लिख खुदकुशी करने के मामले में आरोपी ASI स्वर्ण डिसमिस

4 वर्ष पहले
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लुधियाना. फेसबुक पर सुसाइड नोट लिख कर मरने वाले इंदरपाल आहूजा के मामले में जांच के बाद आखिरकार मुख्य आरोपी एएसआई स्वर्ण सिंह को पुलिस डिपार्टमेंट से डिसमिस कर दिया गया है। स्वर्ण सिंह ओआरपी रैंक लेकर एएसआई बन गया था और मौजूदा समय सीआईए में तैनात था। शुक्रवार रात सीपी आरएन ढोके ने प्रेस नोट जारी कर स्वर्ण सिंह को डिसमिस करने की पुष्टि की है।
 
फेसबुक पर लिख कर अप्रैल 2016 में किया था सुसाइड
दुगरी के इंदरपाल आहूजा ने 29 अप्रैल, 2016 को फेसबुक पर सुसाइड करने का स्टेट्स अपडेट कर ट्रेन के आगे छलांग लगा कर खुदकुशी कर ली थी। उसने स्टेट्स में लिखा था कि थाना दुगरी में तैनात एसएचओ दविंदर चौधरी, एएसआई बूटा सिंह और हेड कांस्टेबल स्वर्ण सिंह ने उस पर चिट्टे का झूठा केस डालने की धमकी देकर 1.25 लाख रुपए रिश्वत ली है और 1.25 लाख और मांग रहे हैं। जीआरपी पुलिस ने पहले इस मामले में धारा 174 की कार्रवाई की थी। दैनिक भास्कर ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद तीनों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने और करप्शन एक्ट का पर्चा दर्ज हुआ था। इसके अलावा करप्शन मामले की जांच एडीसीपी संदीप गर्ग ने की थी, जिसमें दविंदर चौधरी को बेकसूर बताते हुए स्वर्ण सिंह और बूटा सिंह पर करप्शन का पर्चा दर्ज कर जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। एडीसीपी की जांच में स्वर्ण सिंह को ही मुख्य आरोपी बताया गया था।
 
स्वर्ण सिंह के ड्रग सप्लायरों के साथ लिंक सामने आए हैं। इसके अलावा उस पर और भी कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इस कारण उसे नौकरी से डिसमिस किया गया है। उसे ओआरपी रैंक कैसे मिला, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। पुलिस डिपार्टमेंट में कोई भी गलत काम करेगा उसके खिलाफ ऐसे ही एक्शन होगा।-आरएनढोके, पुलिस कमिश्नर
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