लुधियाना। पिछले 25 दिनों के दौरान शहर में फायरिंग की तीन वारदातें हो चुकी हैं। तीनों वारदातों में बाइक सवार फायरिंग की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस के हाथ अभी तक किसी भी मामले में कोई सुराग नहीं लगा है। इसके चलते शहर में सुरक्षा प्रबंधों पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
किदवई नगर के अजीत नगर में दोपहर 12.30 बजे पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल गोसाईं के घर के पास संजीव बेकरी के मालिक जोगिंदरपाल डंग को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। गोली जोगिंदर पाल की पीठ के दाईं तरफ लगी। जिन्हें सीएमसी में भर्ती कराया गया है।
वारदात के समय जोगिंदरपाल अपने बेटे अनिल के साथ शॉप में मौजूद थे। बेकरी के पास मिनी रोज गार्डन, गर्ल्स कॉलेज, स्कूल, मार्केट व रिहायशी इलाका होने के कारण हर समय लोगों का आना जाना लगा रहता है। जोगिंदरपाल के बेटे अनिल ने बताया कि पापा बेकरी पर सामान सही कर रहे थे। वह पेटीज लेने के लिए वर्कशॉप में गया और एकदम से धमाके की आवाज सुनीं। वापस दुकान पर आया तो देखा पापा की पीठ लहुलुहान थी।
सामने खड़े आॅटो चालक ने बताया कि दो युवक भाग कर मेन रोड की तरफ गए हैं। एसीपी सेंट्रल ने बताया कि जख्मी के दूसरे बेटे संजीव कुमार के बयान पर दो लोगों के खिलाफ जान लेवा हमला करने व आर्म एक्ट के अधीन मामला दर्ज किया गया है। इलाके से दो स्थानों से फुटेज मिली हैं। जिनके आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है।
केस-1: 18 जनवरी को किदवई नगर स्थित शहीदी पार्क में सुबह 6.28 बजे बाइक सवार नकाबपोश दो लड़कों ने आरएसएस वर्कर नरेश चौहान पर फायरिंग कर दी। जिस समय फायरिंग हुई उस समय पार्क में सिर्फ 4 लोग मौजूद थे जो शाखा लगाने की तैयारी कर रहे थे। नरेश का कहना है कि एक गोली उनके हाथ को छूकर निकल गई, जबकि दूसरी बार फायर मिस हो गया और दोनों आरोपी पहले से स्टार्ट खड़ी बिना नंबर प्लेट की बाइक से फरार हो गए। पुलिस को मौके से गोली का एक खोल भी बरामद हुआ था।
केस-2: वहीं 3 फरवरी को शिवसेना पंजाब युवा के नेशनल प्रेसिडेंट अमित अरोड़ा पर बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। कार में बैठे अमित की गर्दन को छूकर गोली निकल गई। वारदात बस्ती जोधेवाल स्थित सुभाष नगर की मेन रोड पर हुई। पुलिस ने अमित के गनमैन ओम प्रकाश और वर्कर मनी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
केस-3 : इसके बाद वीरवार 11 फरवरी को बेकरी मालिक पर दोपहर को फायरिंग हुई। पुलिस ने इलाके से सीसीटीवी की दो फुटेज भी बरामद कर ली। इन तीनों मामलों में आरोपियों को पकड़ना तो दूर पुलिस आरोपियों की पहचान भी नहीं कर सकी है।