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भाभी नहीं चाहती थी देवर की हो शादी, पार्लर में दुल्हन का किया था ये हाल

ब्यूटी पार्लर में सजने आई हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2016, 02:33 AM IST
हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
लुधियाना। शादी से चंद घंटे पहले बरनाला से लुधियाना के किप्स मार्केट, सराभा नगर स्थित ब्यूटी पार्लर में सजने आई हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। बुरी तरह झुलसी हरप्रीत ने मुंबई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था, लिहाजा इस मामले में हत्या के 6 आरोपियों को एडीशनल सैशन जज संदीप कुमार सिंगला की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई। मंडप में आने से पहले दुल्हन का किया था ये हाल...
भाभी नहीं बसने देना चाहती थी देवर का घर इसलिए दुल्हन पर फिंकवाया था तेजाब
- उल्लेखनीय है कि इस केस की मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर कोलकाता वाले परिवार की बहू थी और उसका अपने पति के साथ तलाक हो चुका था, जिसकी उसके मन में रंजिश थी।
- घटना को अंजाम देने से पहले सभी आरोपियों ने फोन पर प्लानिंग की थी, उनकी कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की मदद से भी आरोपियों को पुलिस पकड़ने में सफल रही।
पैसे देकर फिंकवाया था हरप्रीत पर तेजाब
- हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के लिए मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर ने परविंदर सिंह को पैसे दिए थे और परविंदर ने अपने अन्य साथियों को साथ लेकर इस घटना को अंजाम दिया था।
- उसके साथियों के खर्चे के लिए भी अमृतपाल कौर ने पैसे मुहैया कराए थे।
इनमें मुख्य आरोपी अमृतपाल पाल कौर और परविंदर सिंह को उम्र कैद की सजा में कम से कम 25 साल जेल में बिताने पड़ेंगे। साथ ही 9 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। इसमें से 6 लाख की राशि हरप्रीत के परिवार को दी जाएगी और एक लाख रुपये इस वारदात के दौरान गंभीर जख्मी अमृतपाल कौर को मिलेंगे। जबकि 50-50 हजार बाकी जख्मियों को दिए जाएंगे। अदालत ने सातवें आरोपी अश्वनी कुमार को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया, जिस पर दोषियों का सहयोग करने का इलजाम था।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
- इस दिल दहलाने वाली वारदात में केस के मुताबिक मुख्य आरोपी परविंदर सिंह ने 7 दिसंबर, 2013 को सराभा नगर की मेन मार्केट के पास लैक्मे सैलून पर वारदात को अंजाम दिया था।
- उसने शादी से चंद घंटे पहले सजने आई दुल्हन हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंका था। उस समय पार्लर में हरप्रीत को स्टाफ की लड़कियां सजा रही थीं।
- तभी आरोपी रविंदर सिंह अपना मुंह ढके पहुंचा और हाथ में तेजाब से भरा मग पकड़े हरप्रीत को नाम से बुलाया।
- हां में जवाब मिलते ही उस पर तेजाब फेंक दिया और जाते समय धमकी भरा पत्र भी छोड़ गया।
- तेजाब से हरप्रीत बुरी से झुलसी और सजाने वाली लड़कियां और अन्य कस्टमर भी झुलसीं।
- आरोपी परविंदर तेजाब फेंकने के बाद बाहर कार में इंतजार कर रहे अपने साथियों के साथ फरार हो गया।
आगे की सलाइड्स में पढ़े कैसे अपराधियों ने दिया था इस वारदात को अंजाम....
आरोपी परविंदर सिंह ने 7 दिसंबर, 2013 को वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी परविंदर सिंह ने 7 दिसंबर, 2013 को वारदात को अंजाम दिया था।
इन लोगों पर दर्ज किया अपराध
- थाना सराभा नगर की पुलिस ने लड़की के पिता जसवंत सिंह के बयानों पर धारा 307, 326 ए और 473 आईपीसी के तहत आरोपियों अमृतपाल कौर, परविंदर सिंह, सन्नी प्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरसेवक सिंह, राकेश कुमार और अश्विनी कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- तेजाब से बुरी तरह से झुलसी हरप्रीत कौर को शहर के डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर हालत गंभीर देखते हुए मुंबई रेफर किया गया।
- वहां 27 दिसंबर, 2013 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कत्ल की धारा 302 का भी जोड़ दी। 
 
मिली सख्त से सख्त सजा : 
- मुख्य आरोपी अमृतपाल पाल कौर और परविंदर सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। इसमें विशेष बात यह रही है कि उम्र कैद सजा में आरोपियों को कम से कम 25 साल जेल में बिताने पड़ेंगे।
- जबकि अन्य आरोपियों सन्नी प्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरसेवक सिंह, राकेश कुमार को भी उम्र कैद की सजा सुनाई है, इन पर कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
- जजमेंट राइटर तेजिंदर कपूर के मुताबिक यह एेतिहासिक फैसला है। इसमें उम्र कैद की सजा सुनाते समय मुख्य आरोपियों को कम से कम 25 साल जेल में बिताने पड़ेंगे। 
बुरी तरह झुलसी हरप्रीत ने मुंबई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। बुरी तरह झुलसी हरप्रीत ने मुंबई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
इस तरह नामजद हुए थे पुलिस इंवेस्टीगेशन के बाद आरोपी :
- तेजाब कांड के बाद सराभा नगर पुलिस की इंवेस्टीगेशन टीम में सब इंस्पेक्टर मंजीत सिंह ने हरप्रीत के पिता जसवंत सिंह के बयान पर आरोपियों केखिलाफ पर्चा दर्जकिया।
- बाद में पुलिस जांच में सभी आरोपियों के नाम-पता लगने पर इनकेखिलाफ आराेप पत्र दाखिल किया।
- इनकी शिनाख्त मरने वाली हरप्रीत कौर के माता-पिता ने की, क्योंकि आरोपी के भागने के समय हरप्रीत कौर के माता- पिता सैलून के बाहर अपनी कार में बैठे थे।
- आरोपी जिस कार में भागे थे, वो कार भी उनकी कार के पास ही रुकी थी।
- इससे पहले हरप्रीत की मां ने बताया कि इस केस के मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर और परविंदर सिंह साथियों सहित उनके बरनाला स्थित घर में पहले भी धमकाने आए थे कि वह हरप्रीत कौर की शादी कोलकाता वाले परिवार में नहीं होने देंगे।
इस मामले में हत्या के 6 आरोपियों को एडिशनल सेशन जज संदीप कुमार सिंगला की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई। इस मामले में हत्या के 6 आरोपियों को एडिशनल सेशन जज संदीप कुमार सिंगला की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई।
केस की मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर कोलकाता वाले परिवार की बहू थी और उसका अपने पति के साथ तलाक हो चुका था, जिसकी उसके मन में रंजिश थी। केस की मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर कोलकाता वाले परिवार की बहू थी और उसका अपने पति के साथ तलाक हो चुका था, जिसकी उसके मन में रंजिश थी।
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हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया।हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंकने के मामले में करीब तीन साल बाद अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
आरोपी परविंदर सिंह ने 7 दिसंबर, 2013 को वारदात को अंजाम दिया था।आरोपी परविंदर सिंह ने 7 दिसंबर, 2013 को वारदात को अंजाम दिया था।
बुरी तरह झुलसी हरप्रीत ने मुंबई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।बुरी तरह झुलसी हरप्रीत ने मुंबई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
इस मामले में हत्या के 6 आरोपियों को एडिशनल सेशन जज संदीप कुमार सिंगला की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई।इस मामले में हत्या के 6 आरोपियों को एडिशनल सेशन जज संदीप कुमार सिंगला की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई।
केस की मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर कोलकाता वाले परिवार की बहू थी और उसका अपने पति के साथ तलाक हो चुका था, जिसकी उसके मन में रंजिश थी।केस की मुख्य आरोपी अमृतपाल कौर कोलकाता वाले परिवार की बहू थी और उसका अपने पति के साथ तलाक हो चुका था, जिसकी उसके मन में रंजिश थी।
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