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18 हजार रुपए दो और 15 दिनों में ही तैयार िमलेगा नया पासपोर्ट
संदीप माहना|लुधियाना ldh.bhaskar@gmail.con
लोगोंकी परेशानी को देखते हुए शहर में खोले गए पासपोर्ट सेवा केंद्र में भी सुविधा-शुल्क लेकर झटपट काम कराने वाले दलालों ने अपना नेटवर्क बना लिया है। जो पासपोर्ट सेवा केंद्र के आसपास ट्रैप लगाए खड़े रहते हैं। वे ऐसे लोगों को घेरते हैं, जो पासपोर्ट बनवाने और उसमें कोई तब्दीली कराने के लिए परेशान घूम रहे होते हैं। ये दलाल ग्राहक फंसाने के लिए सीधे 18 हजार रुपये लेकर महज दो हफ्ते में नया पासपोर्ट बनवाकर देने जैसे ऑफर से बातचीत शुरू करते हैं। जबकि इसकी सरकारी फीस िसर्फ 1500 रु. है। लोगों की परेशानी और तमाम शिकायतों के बाद दैनिक भास्कर ने मौका मुआयना किया तो कुछ इस तरह दलालों की कारगुजारी का खुलासा हुआ।
इतना ही नहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्र के आसपास अगर कोई शख्स इसलिए भटक रहा होता है कि उसके पासपोर्ट संबंधी डॉक्यूमेंट पूरे नहीं हैं तो ये दलाल उसका भी हल निकाल देते हैं। मसलन, कचहरी जाकर जो एफिडेविट महज 50 रुपए में तैयार कराया जाता है। दलाल 200 से 300 रुपए लेकर महज दस मिनट में मौके पर ही मंगवा देते हैं। जल्द काम कराने के चक्कर में ज्यादातर लोग चुपचाप सुविधा शुल्क देकर दलालों से ही काम करा लेते हैं।
^हमारे आफिस के बाहर खड़े होने वाले एजेंट्स के बारे में हमें पता है। हालांकि कोई लिखित शिकायत मिलने की वजह से इन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। फिर भी इसकी जानकारी चंडीगढ़ ऑफिस में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर राकेश कुमार अग्रवाल को दी जा चुकी है। उन्होंने जल्द ही इन एजेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही है। -गुरजीतकौर, असिस्टेंटपासपोर्ट अफसर
शहर में बस अड्डे के निकट पासपोर्ट सेवा केंद्र। फोटो: भास्कर
^मुझे पासपोर्ट जल्दी चाहिए था। इसके लिए मैंने पासपोर्ट आफिस से जानकारी ली तो उन्होंने पासपोर्ट बनवाने का एक से डेढ़ महीने का प्रोसेस बताया। आफिस की सीढ़ियों पर खड़े एजेंट ने 18 हजार और फिर 15 हजार रुपए में 15 दिनों के अंदर पासपोर्ट बनवाकर देने का ऑफर रखा। -रोमीहांडा, हैबोवालनिवासी।
^मैंने अपना अपीयरेंस चेंज करवाना था, जिसके लिए मुझे एफिडेविट की जरूरत थी। इसके एवज में एजेंट ने मुझसे 300 रूपए मांगे। जबकि यही एफिडेविट मैंने कचहरी से 50 रूपए में बनवाया। -मनजोतसिंह, दुगरीनिवासी।
^मेरा बर्थ सार्टिफिकेट नहीं बना था, मुझे सार्टिफिकेट लेकर आ