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लोगों में अच्छे और गंभीर मुद्दों को थिएटर में देखने की भूख : राणा रणबीर
‘थिएटरको पसंद करने वाले लोग बहुत हैं, लेकिन उन्हें वो गंभीर और अच्छे मुद्दे देखने को नहीं मिलते, जो होने चाहिएं। अगर कोई भी अच्छा प्ले उनके सामने पेश किया जाता है, तो वो खुश होकर देखते हैं। उनमें अच्छा देखने की भूख मेरे अच्छा प्ले करने से कहीं ज्यादा है।’ ये कहना था कॉमेडियन थिएटर आर्टिस्ट राणा रणबीर का।
वह 1970 के दशक में क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह संधू यानि पाश की कविताओं, खतों डायरी पर आधारित प्ले को गुरू नानकदेव भवन में शनिवार 27 सितंबर को शाम सात बजे पेश करेंगे। गौरतलब है कि 80 मिनट लंबा यह प्ले पेश करने वाले रणबीर 18 सालों बाद सिनेमा से थिएटर में वापसी कर रहे हैं। इसके पहले वह कई फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। अपने सोलो एक्ट के लिए सिर्फ पाश को चुनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजाबी साहित्य में पाश का बहुत ही अहम किरदार है। उन्होंने दिल को छूने सच्चाई को ही अपनी कविताओं में पेश किया है। उन्होंने कहा कि 1992 से लेकर 1997 तक पाश की कविताएं, खत डायरी बहुत ज्यादा पढ़ी है। उनके मुकाबले का कोई अन्य साहित्यकार उन्हें नहीं लगा जिसे स्टेज पर पेश किया जा सके। रणबीर ने बताया कि यह प्ले शहीद-ए-आजम भगत सिंह के साथ ही पंजाबी सभ्याचार के बाबा बोहड़ कहे जाने वाले महान नाटककार गुरशरण सिंह उर्फ मन्ना को समर्पित होगा। एक सवाल पर रणबीर ने चिंता जताई कि पंजाब में थिएटर बहुत पीछे है। ही यहां पर ऑडिटोरियम हैं जहां पर आराम से बैठ कर प्ले देखा जा सके।
अवतार सिंह पाश