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पीएयू पहुंचा मोरक्को का डेलीगेशन

6 वर्ष पहले
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एग्रीकल्चर रिपोर्टर|लुधियाना

मोरक्कोकाएक डेलीगेशन 11 फरवरी को पीएयू के दौरे रहा। फूड सिक्योरिटी प्रोग्राम्स, यूनिवर्सिटी के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने, पारस्परिक रूप से लाभप्रद क्षेत्रों की पहचान करने और उन पर मिलकर काम करने के उद्देश्य से डेलीगेशन यहां आया हुआ था। डेलीगेशन का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज धारवाड़ बंगलौर के भूतपूर्व वाइस चांसलर डॉ. एसए पाटिल ने किया। तीन मेंबरी डेलीगेशन में ओसीपी फाउंडेशन मोरक्को के मेंबर्स शामिल थे। डेलीगेशन में एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के डायरेक्टर नौफल रोडीज, एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के प्रोजेक्ट मैनेजर इमेडेडाइन रॉनी और ऑडिट एंड कंट्रोल के डायरेक्टर नबील एल अलामी शामिल थे।

इसके अलावा अग्रि क्लीनिक एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैनेजमेंट हैदराबाद के एग्री बिजनेस स्कीम के नोडल अफसर डॉ. अनुज सूद डेलीगेशन के साथ थे। डेलीगेशन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों, रजिस्ट्रार डॉ. पीके खन्ना, डायरेक्टर ऑफ रिसर्च डॉ. बलविंदर सिंह, डायरेक्टर ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन आरएस सिद्धू और अन्य सीनियर आफिसर्स से मिला। डॉ. ढिल्लों ने बताया की इस समय पंजाब चावल, गेहूं प्रणाली के पूर्व प्रभुत्व के कारण भूमिगत जल की कमी, बिगड़ती मृदा स्वास्थ्य, विभिन्न फसलों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और फसल अवशेषों के जलने जैसी विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया की मोरक्को से कोलेबोरेशन करके सॉयल साइंस और कई अन्य क्षेत्रों में काम किया जा सकता है। इसके साथ उन्होंने डेलीगेट्स को 21-22 मार्च को होने वाले किसान मेले का निमंत्रण भी दिया। डॉ. पाटिल ने बताया की कृषि मशीनरी, प्रजनन कार्यक्रम, बागवानी, सॉयल साइंस, मशरूम और शैक्षणिक कार्यक्रमों में मिलकर काम करने की गुंजाइश है। एडिशनल डायरेक्टर कम्युनिकेशन डॉ. चन्दर मोहन ने बताया कि पीएयू में नई फार्म तकनीकों को इंवेंट करके उन्हें किसानों तक पहुंचाया जाता है।