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दिल्ली के आइने से कांग्रेस ने लुधियाना में जाने 2017 विधानसभा चुनाव के मायने

6 वर्ष पहले
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आजाद

शिअद-भाजपा

कांग्रेस

आप

दिल्लीविधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले रिजल्ट्स देखकर कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी को रातों-रात लुधियाना रवाना कर दिया गया। चौधरी ने बुधवार को पार्टी के नेताओं से पिछड़ने के कारणों के संबंध में सुझाव मांगे। इसकी वजह यह है कि पंजाब में आप के जनाधार को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। कारण जब 9 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली में आम आदमी पार्टी के खाते में एक भी सीट नहीं आई थी तो उस समय आप ने पंजाब में 4 सीटें कब्जाई थी। दो सीटों पर आप दूसरे नंबर पर रही थी। इनमें से एक सीट थी लुधियाना। लुधियाना लोकसभा क्षेत्र के 9 में से 4 विधानसभा हलकों में एचएस फूलका आगे रहे थे। इस बात को कांग्रेसी खतरे की घंटी समझ रहे हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा के बीच प्रधानगी को लेकर चल रही खींचतान के चलते हालात लुधियाना ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में कांग्रेस के लिए अच्छे नहीं है। आप के चुनाव लड़ने पर दिल्ली जैसे हालात आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में भी हो, इसका मंथन कांग्रेस ने अभी से करना शुरू कर दिया है। इसी के तहत बुधवार को कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी ने सर्किट हाउस में पार्टी सांसद, विधायकों, जिला अध्यक्ष, कौंसलर्स और ब्लॉक प्रधानों के साथ तीन घंटे लंबी मीटिंग कर पार्टी आम पब्लिक के बीच बढ़ रही दूरियों को खंगालने की कोशिश की। चौधरी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के पिछड़ने इसकी बेहतरी के लिए अपने-अपने सुझाव भी जिला प्रधान गुरप्रीत गोगी तक पहुंचाने को कहा है। वहीं दूसरी ओर आप वर्करों ने दिल्ली जीत की खुशी में रोड शो निकाल कर जताई।

आगामीविस चुनाव में खतरे की घंटी बन सकते हैं आप उम्मीदवार: दिल्लीमें भाजपा कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने से 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आप पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस, अकाली-भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते हैं। नौ महीने पहले राज्य में हुए लोकसभा चुनाव में लुधियाना के कांग्रेसी सांसद रवनीत बिट्टू से करीब 19 हजार वोट से पिछडे़ एचएस फूलका कुल नौ विधानसभा क्षेत्र में से चार पर विजयी रहे थे। इन क्षेत्र में जगराओं, दाखा, गिल, वेस्ट शामिल हैं। भाजपा काे अपने हिस्से में आती नार्थ, सेंट्रल और वेस्ट तीन विधानसभा क्षेत्र में अकाली भाजपा उम्मीदवार को करारी हार झेलनी पड़ी थी। जबकि सिमरजीत सिंह बैंस अपने दोनों विधानसभा क्षेत्र को छोड़ अन्य सात विधानसभा में अपना लोहा मनवाने में नाकामयाब साबित हुए थे। नार्थ, ईस्ट और सेंट्रल विधानसभा में आप उम्मीदवार का कमजोर वोट बैंक हार की अहम वजह बना था।

{कांग्रेस पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी ने मीटिंग कर नेताओं से मांगे सुझाव

लोस चुनाव में हलकों की स्थिति

एचएस फूलका रवनीत बिट्टू मनप्रीत अय्याली सिमरजीत सिंह बैंस >जगराओं 6235923845 26303 4327

>दाखा4651829893 40736 10637

>गिल4713346044 41482 27056

>वेस्ट3858936552 27671 16769

^पंजाब के लोग दिल्ली की पब्लिक से कहीं अधिक मौजूदा स्टेट गवर्नमेंट से परेशान हैं। यहां सीएम डिप्टी सीएम राजा की तरह राज कर रहे हैं, अब वो समय चला गया है। दिल्ली में तो केवल पानी बिजली मुद्दा था, लेकिन पंजाब के लोग रेत, नशा, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे कईं मामलों में सरकार से तंग है। एचएसफूलका, उम्मीदवार, आप

एक तरफ कांग्रेस ने अभी से मंथन शुरू किया वहीं दूसरी ओर ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने दिल्ली जीत की खुशी में रोड शो किया।

^ये मीटिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों से पहले ही तय की जा चुकी थी। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य केंद्र में कांग्रेस सरकार बनने के कारणों को जानना और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करना था। आम आदमी पार्टी के वादों के चलते पब्लिक ने दिल्ली में ये मौका दिया है। अब आप को अपने वादे साबित करने होंगे। हरीशचौधरी, प्रभारी पंजाब कांग्रेस नेशनल सेक्रेट्री

^केंद्र में भाजपा सरकार भी दावों के दम पर बनी है। सरकार बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने विदेशों से काला धन लाने सहित कई तरह के वायदे लोगों से किए थे। जिसे दिल्ली के लोगों ने नकार दिया है। अब दिल्ली में कई तरह के दावों के साथ लोगों ने अरविंद केजरीवाल को मौका दिया है, अब उन दावों को साबित करने पर ही पंजाब में आप का वजूद बचेगा। -रवनीतबिट्टू, सांसद कांग्रेस