‘64 स्टाफ नर्सें कम नहीं होती’
सिविलहॉस्पिटल के अचानक दौरे पर पहुंचे डायरेक्टर हेल्थ डॉ. करनजीत सिंह से सिविल सर्जन डॉ. रेनू ने और स्टाफ की मांग की। इस पर डायरेक्टर ने स्टाफ नर्सों की गिनती गिनवाते हुए कहा कि 64 स्टाफ नर्सें कम नहीं होती। हालांकि उन्होंने जरूरत के अनुसार इक्यूप्मेंट्स और स्टाफ मुहैया कराने का भरोसा भी दिया।
डॉ. करनजीत सिंह करीब डेढ़ बजे सिविल हॉस्पिटल पहुंचे। आते ही वे मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के ओपीडी ब्लॉक में गए। मौजूद डॉक्टरों से बातचीत की और खाली कुर्सी देख डॉक्टरों के बारे में पूछा। इसके बाद वे स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (नर्सरी) में गए। वहां बच्चों के इलाज और मौजूद इक्यूप्मेंट्स की जानकारी ली। एसएनबीसी में ऑक्सीजन पाइप फिटिंग के बारे में उन्होंने जानकारी ली। लेबर रूम के एंटी नेटल वार्ड में दाखिल महिलाओं से बातचीत की। इसके बाद वे ऑपरेशन थिएटर और पोस्टनेटल वार्ड में गए। प्राइवेट रूम्स चालू नहीं करने का पूछने पर सिविल सर्जन डॉ. रेनू ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया। साथ ही बताया गया कि कमरों के लिए फिलहाल केवल बेड और गद्दे ही मौजूद है। बाकी सामान और स्टाफ आने पर ही इन्हें चालू किया जा सकता है। सिविल सर्जन ने हर वार्ड के लिए स्टाफ नर्स की जरूरत बताई। जिस पर डायरेक्टर ने कहा कि यहां कुल 64 नर्सें हैं और इतनी स्टाफ नर्सें कम नहीं होती।
इसके बाद वे इमरजेंसी और ट्रॉमा वार्ड गए। जहां उन्होंने 4 बेडों पर ऑक्सीजन पाइप फिट कराने को कहा। आईसीयू को चलाने संबंधी पीएचएससी कंस्ट्रक्शन विंग के अफसरों ने बताया कि आईसीयू का काम पूरा हो चुका है, केवल ऑक्सीजन पाइप फिटिंग का काम होना बाकी है।
स्वाइन फ्लू से हुई मौतों का होगा रिव्यू
डायरेक्टरहेल्थ ने कहा कि सूबे में स्वाइन फ्लू की वजह से 15 मौतें होने की बात कही जा रही है। लेकिन इन लोगों की मौत किन कारणों से हुई, इसका रिव्यू किया जाएगा। क्योंकि ज्यादातर लोग दूसरी बीमारियों की चपेट में भी थे।
सिविल हॉस्पिटल मंे चेकिंग करते हेल्थ डायेक्टर डॉ. करनजीत िसंह।