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भगवान को पाने के लिए तप करना पड़ता है : वेद भारती
श्रीराम लीला मैदान दरेसी में भारती सेवा संघ द्वारा 38वें विराट धर्म सम्मेलन के अंतर्गत पावन शिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन महा मंडलेश्वर स्वामी वेद भारती जी महाराज ने प्रवचन में भक्तों को शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि ये विवाह सूरत और शब्द के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिवतत्व को पाने के लिए प्राणी को कठोर तप करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिना परिश्रम किए, परमात्मा को पाना अत्यंत कठिन है। जीव को अपने कर्म से, अपने आचार, व्यवहार से सात्विक होना पड़ता है। तभी परमात्मा से मिलन संभव है। उमा ने तप किया तभी उन्हें शिव की प्राप्ति हुई।
उन्होंने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति में गुरु की कृपा का विशेष महत्त्व है। गुरु ही मनुष्य का उस परम पिता परमेश्वर से साक्षात्कार करवा सकता है। इस माैके पर अमरजीत मनोचा, सुरिंदर मनोचा, आरके खन्ना, अनिल गुप्ता टोनी, जगन नाथ, अमित सहगल, भूषण गोरा, विश्व भारती, गुरुप्रिया भारती, अमिता भारती, चैतन्य भारती, मुक्ता भारती, सुकीर्ति भारती, सुमेधा भारती, बहन पुष्पा, रेखा, आंचल उपस्थित रहे।