महिला ने खोली पुलिस अफसरों की पोल
एसटी/एससीकमीशन के नेशनल वाइस चेयरमैन राजकुमार वेरका ने हैबोवाल की रहने वाली बलविंदर कौर की ओर से एक आईपीएस अधिकारी पर लगाए आरोपों पर भी पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान को निजी तौर पर जांच करने के आदेश दिए हैं। उक्त महिला ने पुलिस अधिकारियों की धक्केशाही के बारे में जानकारी देते हुए वेरका को बताया कि उनके एक पारिवारिक सदस्य पर झूठा 307 का मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इस सदमे में उनके एक बेटे अरुण कुमार की मौत हो गई है।
जोशी नगर की उक्त महिला ने बताया कि वह कई बार उक्त धक्केशाही के खिलाफ पुलिस अधिकारियों के पास चक्कर काट चुकी है। लेकिन कोई भी उनकी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। उक्त महिला ने कहा कि पुलिस कुछ शराब के ठेकेदारों के साथ मिलकर उनके घरवालों को परेशान कर रही है। मानिक नामक ठेकेदार और उसके कारिंदे काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार होकर गली में चक्कर लगाते हैं।
विरोध करने पर धमकी देते हैं। महिला ने बताया कि 28 अगस्त को उक्त लोगों ने ही मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी देते हुए गोलियां चलाई थीं। लेकिन पुलिस मेरे परिवार की सुनवाई करने की बजाए उल्टा हम पर ही धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर दिया। वेरका ने उक्त मामले में पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान को खुद निजी तौर पर जांच कर रिपोर्ट करने के आदेश दे दिए हैं।
सर्किट हाउस में डॉ. राजकुमार वेरका को जानकारी देती महिला।