पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ओएलएक्स पर सामान नहीं शिकार ढूंढ कर लूटने वाला राहुल गैंग गिरफ्तार

ओएलएक्स पर सामान नहीं शिकार ढूंढ कर लूटने वाला राहुल गैंग गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिसनेएक ऐसे गैंग को पकड़ने में कामयाबी पाई है जो लोगों को लूटने के लिए शॉपिंग साइट ओएलएक्स का इस्तेमाल करता था। अंतरराज्यीय राहुल गैंग के सदस्य मोबाइल पर ओएलएक्स का प्रयोग करते थे लूट के लिए, कि सामान खरीदने और बेचने के लिए।

गैंग के मेंबर इस नए अंदाज से महंगा मोबाइल बेचने वालों के साथ संपर्क कर उन्हें किसी स्थान पर बुलाकर लूटते थे। लुटेरों ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 40 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। गिरोह के सरगना राहुल को पकड़ने के लिए पिछले 3 साल से पुलिस उसका पीछा कर रही थी। इन तीन सालों में आरोपी ने लुधियाना में भी वारदातों को अंजाम दिया था।

आरोपियों को सीआईआई-1 की टीम ने लाडोवाल के निकट से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने थाना लाडोवाल में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों से आई-20 कार, पिस्तौल, 2 जिंदा कारतूस, दो छुरे, 2 दातर, 3 लोहे की रॉड लूटे गए सोने के आभूषण बरामद किए हैं।

आरोपियों में गिरोह का सरगना राहुल मल्लन, जसप्रीत सिंह उर्फ प्रीत, रमनदीप सिहं उर्फ बिन्नी, विकास कुमार, सिमरनजोत सिंह उर्फ साइरन, नीरज शर्मा उर्फ आशू हैं। सभी को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से कई मामले हल होने की संभावना है। सरगना राहुल तीन मर्डर करने के अलावा अन्य कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी अन्य राज्यों के अपराधियों से मिलकर वारदातों को अंजाम देते थे।

एसीपी जसविंदर सिंह ने बताया कि सीआईए इंचार्ज राजन परमिंदर सिंह सब इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह की टीम जीटी रोड लाडोवाल के निकट चेकिंग के लिए नाका लगाया हुआ था। इस दौरान उन्हें आरोपियों को सूचना मिली जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ओएलएक्स वह देखते थे कि कौन महंगा मोबाइल बेच रहा है। उसे फोन कर किसी किसी तरीके से बुला लेते थे। जब वह बताए हुए स्थान पर आता था तो एक साथी को कार में बैठा देते थे।

साथी को मोबाइल दिखाने के बहाने उसे कार के पास ले जाकर लूट लेते थे। इसी तरह दो लोग किसी किसी बैंक में जाकर रेकी करते थे। जो व्यक्ति बैंक से अधिक राशि लेकर बाहर निकलता था उसके बारे में कार में बैठे अपनी साथी जसप्रीत सिंह प्रीत को फोन पर