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लुधियाना इंटीग्रेटेड कस्टम कमिश्नरेट को मिली मंजूरी
फारेनट्रेडको बढ़ावा देने तथा मुलाजिमों पर काम के अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए लुधियाना में इंटीग्रेटेड कस्टम कमिश्नरेट बनाने को मंजूरी मिल चुकी है। इसका 14 अक्टूबर को उद्घाटन होने की संभावना है और अगले दिन से कामकाज भी शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्लीजोन के कमिश्नरेट : दिल्लीजोन में पहले तीन कमिश्नरेट थे और तीनों ही प्रवेंटिव थे। इसमें दिल्ली, जोधपुर और अमृतसर। अमृतसर के कमिश्नरेट में पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल तथा चंडीगढ़ शामिल थे। लंबे समय से कस्टम एसोसिएशन की मांग थी कि दायरा ज्यादा होने के कारण मुलाजिमों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। बॉर्डर होने के कारण अमृतसर की जिम्मेदारी और बढ़ जाती रही है। इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम ने 10/9/2003 तथा 12/4/1997 में नोटिफिकेशन जारी किया, मगर मामला सिरे नहीं चढ़ सका। फिलहाल अब 14/10/2014 को नोटिफिकेशन रिवाइव करके जारी किया गया है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक लुधियाना कमिश्नरेट में इन लैंड कंटेनर डिपार्ट, कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, ओवरसीज वेयर हाउसिंग, पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन (पीएसडब्ल्यूसी), कृष्णा कार्गो मूवर्स, जीआईपीएल सीएफएस, जीआरएफएल सीएफएस, पीएसडब्ल्यूसी जालंधर, पीएसडब्ल्यूसी बठिंडा, एलसीएस दप्पर, पीएसडब्ल्यूसी छेहर्टा, एफपीओ लुधियाना इसके अधीन आएंगे।
ऑल इंडिया सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी राजिंदर मल्होत्रा का कहना है कि 15 अक्टूबर से कामकाज शुरू हो सकता है। दूसरी तरफ आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट पीसी शर्मा कहते हैं कि नया कमिश्नरेट खोलने से बेहतर था कि यहां पर अच्छे और समर्पित स्टाफ तैनात किया जाता।