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मनमानी | शहर में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से हो रहा कंस्ट्रक्शन

7 वर्ष पहले
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नगरनिगम के पास जहां हर महीने 30 के करीब रिहायशी बिल्डिंग्स नक्शे पास होने को रहे हैं, वहीं शहर में एक हजार बिल्डिंग्स ऐसी हैं, जिनका मौके पर कंस्ट्रक्शन चल रहा है। यह सच नगर निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार अग्रवाल के सामने भी चुका है।

अग्रवाल की ओर से गठित 37 टीमों की ओर से छह घंटों में शहर का जायजा लेकर करीब 700 बिल्डिंग्स की सूची तैयार की है, लेकिन ऐसी बिल्डिंग्स का आंकड़ा एक हजार के पार है। ये वे बिल्डिंग्स हैं, जिन पर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने पर्दा डाले रखा और इनका कंस्ट्रक्शन ग्राउंड लेवल पर नहीं रुकवाया। अगर ऐसा होता तो निगम इन बिल्डिंग्स का नक्शा पास करवा करोड़ों रुपए अपने खाली हुए खजाने में डाल पाता और शहर की रुकी डेवलपमेंट आगे बढ़ पाती। वहीं बिल्डिंग ब्रांच में लगातार प्रयोग का दौर जारी है।

नगर निगम शहर की ऐसी शाखा है, जिससे सालाना करीब 12 करोड़ रुपए की आमदन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इलीगल कंस्ट्रक्शन के लिहाज से ये आमदन बेहद कम है और इसी के चलते निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार अग्रवाल लगातार ब्रांच में प्रयोग करने में जुटे हैं। उक्त ब्रांच से रिकवरी बढ़ाने अवैध निर्माण रोकने को करीब एक महीने पहले चारों जोन के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सेवादार जोन वाइस बदल दिए गए थे। पिछले दस सालों में उक्त ब्रांच में ये तबादला सबसे बड़ा था। इस तबादले के बावजूद कोई बेहतर नतीजे आने के बाद पहली बार दूसरी ब्रांच के एक्सईन, एसडीओ सुपरिटेंडेंट स्टाफ की 37 टीमें बनाकर शहर में बन रही बिल्डिंग्स का सर्वे जुटाया गया है। अब इन बिल्डिंग्स पर बिल्डिंग शाखा की ओर से अपनी रिपोर्ट भी दे दी गई है। बिल्डिंग ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कौन सी बिल्डिंग का नक्शा पास था और किसका चालान काटा गया है। इसके अलावा किस बिल्डिंग पर किस नेता की सिफारिश है, इस का भी खुलासा किया गया है।

^बार-बार मेरे पास इलीगल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन की शिकायतें रही थीं और इसी के चलते पूरा शहर का ब्यौरा जुटाया गया है। इस पर अब बिल्डिंग ब्रांच से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदीपकुमार अग्रवाल, निगमकमिश्नर

इलीगल बिल्डिंग्स के कंस्ट्रक्शन से सरेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है। कायदे के अनुसार इन बिल्डिंग्स का निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना बहुत जरूरी होता है। मगर इन बिल्डिंग्स के निर्माण के लिए कोई भी न